भोपाल
नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव के परिणामों के बाद आईपीएस अफसरों की तबादल सर्जरी होने की संभावना तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि आधा दर्जन से ज्यादा जिलों के पुलिस अधीक्षक इस फेरबदल में प्रभावित हो सकते हैं, वहीं कुछ पुलिस रेंज के अफसर भी इस बदलाव में प्रभावित होंगे।  माना जा रहा है कि चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था को लेकर चूक करने वाले पुलिस अधीक्षकों को बदला जा सकता है।

इसमें आधा दर्जन के लगभग जिलों के पुलिस अधीक्षकों का काम चुनाव के दौरान लॉ एण्ड आर्डर को लेकर बेहतर नहीं माना जा रहा है। इस देखते हुए इन जिलों में से कुछ के पुलिस अधीक्षको को बदला जा सकता है। पुलिस अधीक्षकों के तबादलों के साथ ही कुछ रेंज के एडीजी और पुलिस मुख्यालय में पदस्थ अफसरों के प्रभाव में भी फेरबदल किया जा सकता है।

बड़ी संख्या में पीएचक्यू और बटालियनों में हैं अफसर
प्रदेश में वर्ष 2009 से लेकर वर्ष 2016 तक के अफसरों के अलावा राज्य पुलिस सेवा के भी कई अफसर पुलिस अधीक्षक हैं। इन सभी को मिलकार करीब चार दर्जन आईपीएस अफसर अभी पुलिस मुख्यालय और बटालियनों में पदस्थ हैं। वर्ष 2017 बैच के सीधी भर्ती के आईपीएस अफसरों को इस साल जिलों में पदस्थ किया जाना है। ऐसे में इन अफसरों का भी दबाव लगातार गृह विभाग पर फिल्ड पोस्टिंग को लेकर बढ़ता जा रहा है।

एसपीएस के भी होंगे तबादले
चुनाव परिणामों के बाद आईपीएस के अलावा राज्य पुलिस सेवा के अफसरों के भी तबादलें होंगे। जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और डीएसपी रेंक के अफसरों को बदला जाएगा। इन अफसरों की भी परफॉरमेंस देखी जा रही है। इस रैंक के अफसरों के बड़े पैमाने पर तबादले हो सकते हैं। इनके तबादले का आधार भी चुनाव के दौरान लॉ एण्ड आॅडर ही होगा। कुछ जिलों में थाना प्रभारी और उपनिरीक्षकों के भी तबादले होंगे। थाना प्रभारी और उपनिरीक्षकों के तबादले रेंज स्तर पर किए जा सकते हैं। उन्हें रेंज के एक जिले से दूसरे जिले में भेजा जा सकता है।