देवास
 जिले में पहली बार खिवनी अभयारण्य की रानी कहलानी वाली बाघिन राधा दो शावकों के साथ नजर आई। शावकों की उम्र करीब चार माह होगी। उम्र बढ़ने के साथ ही अब राधा शावकों मांद से बाहर लेकर आने लगी है। वह शावकों की प्यास बुझाने के लिए छोटे तालब जैस कुंड के पास नजर आई है। कुंड के पानी में शावक भी बैठकर खुद को गर्मी से बचाने का प्रयास करते नजर आए हैं।

मालूम हो कि बाघिन राधा साल 2015 में खिवनी अभयारण्य में आई थी। अभयारण्य अधीक्षक राजेश मंडावलिया ने बताया कि वह शुरुआत में दो से तीन माह तक शावकों के साथ मांद में रहती है। उन्हें बाहर नहीं लाती है। थोड़े बड़े होने पर वह धीरे-धीरे अपने संरक्षण में शावकों को बाहर लेकर घूमती है।

 

इस दौरान शवकों को अकेला नहीं छोड़ती है। डीएफओ पीएन मिश्रा ने बताया कि खिवनी में 150 से अधिक पक्षियों की प्रजाति, शाकाहारी एवं मांसाहारी वन्यप्राणी है। खिवनी की रानी कही जाने वाली राधा दो शावकों का पालन पोषण कर रही है। देवास वन मंडल में भी बाघों की संख्या बढ़ाने की पूरी संभावना है।