गोरखपुर
गोरखपुर के धुरियापार में इंडियन आयल के कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट को बिजली कनेक्शन देने में लापरवाही पर ग्रामीण वितरण मण्डल द्वितीय के पूर्व अधीक्षण अभियंता (एसई) ई. रमेश चंद्रा को बुधवार शाम निलंबित कर दिया गया। बीते अप्रैल में रमेश चंद्र को पूर्वांचल विद्युत निगम वाराणसी में एमडी कार्यालय से संबद्ध किया गया था। अब उन्हें वहां से लखनऊ शक्तिभवन से संबद्ध कर दिया गया है।

इंडियन आयल ने सीबीजी प्लांट के लिए 3000 किलोवाट के बिजली कनेक्शन के लिए बिजली निगम के स्थानीय अधिकारियों को पत्र लिखा था। अभियंताओं ने आईओसी को 2.54 करोड़ की टीसी दी। इंडियन आयल ने रकम जमा करा दी। 26 अप्रैल को तत्कालीन एसई रमेश चंद्र ने मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर इंडियन आयल की लाइन बनाने का काम विद्युत माध्यमिक कार्य मंडल से कराने का अनुरोध किया। मंडल ने इस्टीमेट बनाया तो लागत 23 लाख बढ़ गई। ऐसे में काम नहीं शुरू हो पाया। कनेक्शन में देरी पर आईओसी ने चेयरमैन से शिकायत की थी, जिस पर यह कार्रवाई की गई।

मुख्य अभियंता गोरखपुर जोन, ई. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि 33/11 केवी की लाइन विद्युत माध्यमिक कार्य मंडल बनाता है। वितरण खण्ड ने उसे खुद बनाने का गलत निर्णय लिया था। साथ ही काफी देर की गई। इस्टीमेट भी गलत बनाया गया। इस मामले में तत्कालीन अधीक्षण अभियंता द्वितीय रमेश चंद्र को निलंबित कर दिया गया है।