चंडीगढ़
भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार पंजाब के 2008 बैच के सीनियर आएएस अधिकारी संजय पोपली के बेटे ने चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित कोठी नंबर 520 में सुसाइड किया है। बड़ी बात यह सामने आई है कि कार्तिक पोपली ने विजिलेंस टीम के सामने ही खुद को गोली मारी है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। सेक्टर-11ए स्थित कोठी में गोली चलने की सूचना पर डीएसपी गुरमुख सिंह, थाना प्रभारी जसबीर सिंह सहित पुलिस टीम पहुंची। मौके पर फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है।

पंजाब विजिलेंट टीम ने आइएएस अधिकारी संजय पोपली को भ्रष्टाचार मामले में बीते हफ्ते चंडीगढ़ से ही गिरफ्तार किया था। उसके बाद से उसके खिलाफ विजिलेंस टीम जांच कर रही थी। शनिवार को विजिलेंस टीम जांच के लिए सेक्टर-11ए स्थित पोपली की कोठी नंबर 520 में पहुंची थी। विजिलेंस टीम संजय पोपली को भी साथ लेकर आई थी। इसके बाद उसे यहां से मोहाली कोर्ट में पेशी के लिए लेकर जाना था। इस दौरान कार्तिक पोपली ने खुद को शूट कर लिया। कार्तिक ने रिवाल्वर से अपनी कनपट्टी पर गोली मारी है। उसे इलाज के लिए गंभीर हालत में पीजीआइ ले जाया गया था, लेकिन पीजीआइ के एडवांस ट्रामा सेंटर में डाक्टरों ने इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया है।

बताया जा रहा है कि कार्तिक पोपली परिवार का इकलौता लड़का था। इस समय कार्तिक वकालत की तैयारी कर रहा था। पिछले कई दिनों से विजिलेंस जांच के कारण परेशान था। वहीं, संजय पोपली के परिवार ने आरोप लगाया है कि विजिलेंस टीम ने उनके साथ मारपीट की है और विजिलेंस टीम ने ही बेटे को गोली मारी है। बता दें कि दो दिन पहले भी विजिलेंस टीम ने घर पर रेड के दौरान 73 अवैध कारतूस बरमाद किए थे। विजिलेंस की शिकायत पर सेक्टर-11 थाना पुलिस ने संजय पोपली के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था।

संजय पोपली पर सीवरेज बोर्ड में रहते हुए 7.3 करोड़ रुपए के सीवरेज प्रोजेक्ट में एक प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप है। बताया जा रहा है कि पंजाब जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रहते हुए पोपली ने ठेकेदार से एक फीसद कमीशन मांगा। इस वक्त संजय पोपली पंजाब सरकार में पेंशन महकमे में निदेशक के पद पर तैनात थे।