रांची
टेट(टीईटी) पास पारा शिक्षकों ने हाल ही में गठित सहायक आचार्य नियुक्ति नियमावली के विरोध में आंदोलन का निर्णय लिया है। रविवार को रांची के धुर्वा स्थित पटेल पार्क में टेट सफल सहायक अध्यापक संघ की बैठक हुई, जिसमें यह निर्णय लिया गया। बैठक में उपस्थित पारा शिक्षकों ने झारखंड सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले साल 14 दिसंबर को वार्ता के क्रम में महाधिवक्ता की राय के अनुसार वेतनमान पर एक माह के अंदर बैठक करने की बात हुई थी। साथ ही टेट विसंगति से प्रभावित पारा शिक्षकों को भी टेट कैटेगरी की मान्यता देने का आश्वासन शिक्षा मंत्री द्वारा दिया गया था। इसपर पहल हुई नहीं, जबकि नई नियमावली (सहायक आचार्य ) की अधिसूचना जारी कर दी गई। यह नियमावली भी त्रुटिपूर्ण है, जिसमें संशोधन हेतु अनुरोध के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

उनके अनुसार, टेट पास पारा शिक्षक एनसीटीई के सभी मानकों को पूर्ण करते हुए सरकारी शिक्षक बनने की दावेदारी रखते हैं, लेकिन इस नियमावली में शिक्षकों के नाम बदलकर वेतनमान घटाना और पारा शिक्षकों के आरक्षण से छेड़छाड़ करना उचित नहीं है। टेट पास सहायक अध्यापक संघ ने आंदोलन के रूप में 13 और 14 जुलाई को अपने-अपने क्षेत्र के सत्तारूढ़ विधायकों-मंत्रियों को दो सूत्री मांग पत्र सौंपने का निर्णय लिया है। साथ ही 15 जुलाई को काला बिल्ला लगाएंगे। इसके बाद 17 एवं 18 जुलाई को राज्य भर के टेट पास पारा शिक्षक शिक्षा मंत्री के बोकारो में भंडारीदह स्थित आवास का घेराव करेंगे। बैठक में प्रमोद कुमार, सुनील कुमार यादव, संजय मेहता, सीमांत घोषाल, कुणाल दास, कंचन कुमारी, निशिमा हेस्सा, मनोज शर्मा, बादल सरदार आदि शामिल हुए।

शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने पर 14 को होगी बैठक
शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने को लेकर शिक्षक संघों के साथ दूसरी बैठक 14 जुलाई को होगी। शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की अध्यक्षता में होनेवाली बैठक में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के पदाधिकारी भी शामिल होंगे। बता दें कि शिक्षक संघों के साथ एक दौर की बैठक पूर्व में हो चुकी है। उसमें मंत्री ने शिक्षकों की 11 सदस्यों की टीम बनाकर सुझाव के साथ आने को कहा था। मंत्री शिक्षकों को मिड डे मील से मुक्त करने का आश्वासन पहले ही दे चुके हैं। बता दें कि उक्त बैठक में शिक्षक संघों ने कहा था शिक्षकों से कई गैर शैक्षणिक कार्य लेने से ही सरकारी स्कूलों की शिक्षा प्रभावित हुई है। यदि शिक्षकों को रिपोर्ट आदि भेजने व अन्य गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त कर दिया जाए तो सरकारी स्कूल भी निजी स्कूल को टक्कर दे सकते हैं।

मिड डे मील में अतिरिक्त पोषाहार के लिए 27.24 करोड़ रुपये जारी
झारखंड मध्याह्न भोजन प्राधिकरण ने स्कूलों में बच्चों को मिड डे मील के साथ बच्चों के अतिरिक्त पोषाहार के रूप में अंडा या फल देने के लिए 27.24 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। यह राशि 18 जिलों के लिए है। अन्य छह जिले सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, पलामू, लातेहार, रामगढ़ तथा दुमका में पहले से योजना के तहत राशि उपलब्ध है। प्राधिकरण ने इन जिलों को उसी राशि से अतिरिक्त पोषाहार के लिए 11.55 करोड़ रुपये खर्च करने की अनुमति दी है। सभी जिलों को यह राशि जुलाई से सितंबर माह के 24 दिनों के लिए दी गई है। बता दें कि स्कूलों में सप्ताह में दो दिन अतिरिक्त पोषाहार के रूप में अंडा या फल दिया जाता है।