लंदन

 इंग्लैंड के पूर्व कप्तान इयोन मोर्गन का मानना है कि भारत का प्रतिभा का भंडार और टीम के भीतर जबरदस्त गहराई उन्हें आगामी टी20 विश्व कप जीतने का प्रबल दावेदार बनाती है।

भारत लगभग उसी टीम के साथ उतर रहा है जो पिछले टी20 विश्व कप में खेली थी। हालांकि युवा यशस्वी जायसवाल, युजवेंद्र चहल और संजू सैमसन जैसे खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया है।

मोर्गन ने ‘स्काई स्पोर्ट्स’ से कहा, ‘‘चोटों के बावजूद टूर्नामेंट में भारतीय टीम सबसे मजबूत है। उनकी मजबूती और गइराई शानदार है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वे मेरे लिए प्रबल दावेदार हैं, कागजों पर उनका स्तर। अगर वे मैदान पर भी ऐसा करते हैं तो मुझे लगता है कि वे टूर्नामेंट में किसी को भी आसानी से हरा सकते हैं।’’

विकल्पों की अधिकता के कारण भारत शुभमन गिल और लोकेश राहुल जैसे खिलाड़ियों को भी टीम में शामिल नहीं कर पाया।

मोर्गन ने कहा, ‘‘अगर मैं टीम का चयन कर रहा होता तो एकमात्र फैसला जो अलग होता वह यह होता कि मैं यशस्वी जायसवाल पर शुभमन गिल को तरजीह देता। मैं उसके साथ खेला हूं, मुझे पता है कि वह कैसे सोचता है। मुझे पता है कि वह कैसे काम करता है।’’

भारत लगभग हर टूर्नामेंट में प्रबल दावेदार के रूप में उतरता है लेकिन एक दशक से अधिक समय से उसने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) का कोई खिताब नहीं जीता है। टीम इंडिया ने आखिरी ट्रॉफी 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी के रूप में जीती थी।

टी20 विश्व कप के पिछले सत्र में उन्हें एडिलेड में सेमीफाइनल में तब चैंपियन बने इंग्लैंड ने 10 विकेट से हरा दिया था।

कई लोगों का तर्क है कि आईपीएल के बाद से टी20 प्रारूप में भारत के क्रिकेट में काफी सुधार हुआ है लेकिन इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल आथर्टन ने कहा कि यह विडंबना है कि भारत ने एकमात्र टी20 विश्व कप खिताब आईपीएल के अस्तित्व में आने से पहले जीता था।

उन्होंने कहा, ‘‘यह भी एक विडंबना है क्योंकि हर कोई आईपीएल के बारे में बात करता है और इसने भारत के टी20 क्रिकेट में कैसे सुधार किया है। विडंबना यह है कि एकमात्र खिताब उन्होंने आईपीएल के आने से पहले जीता।’’

भारत ने 2007 में पहला टी20 विश्व कप जीता था जब करिश्माई महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में उन्होंने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराया था।