नई दिल्ली
तमिलनाडु में छात्रा की मौत मामले में पिता की याचिका को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में खारिज कर दिया गया। गुरुवार को मामले में सुनवाई की गई जिसके बाद कोर्ट ने यह फैसला लिया। याचिका में पिता ने बेटी के शव को पोस्टमार्टम करने वाली टीम में अपनी मर्जी से एक डाक्टर को शामिल करने का अनुरोध किया था।

13 जुलाई को छात्रावास परिसर में मिला था छात्रा का शव
13 जुलाई को बारहवीं कक्षा की एक छात्रा अपने छात्रावास में मृत पाई गई थी यह छात्रावास तमिलनाडु के कल्लाकुरिची जिले में है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में हिंसक प्रदर्शन हुआ जिसके बाद कई इलाकों में धारा 144 लगा दी गई थी। मामले की सुनवाई जस्टिस बीआर गवई और पीएस नरसिम्हा की बेंच कर रही थी। बेंच ने पिता को हाई कोर्ट जाने की इजाजत दी है और सभी जानकारी देने को कहा है। बेंच ने कहा, 'पोस्टमार्टम करने वाली एक्सपर्ट की टीम पर हमें संदेह क्यों करना चाहिए।'

मद्रास हाई कोर्ट ने दिया था आदेश
कोर्ट ने याचिकाकर्ता से मामले को वापस लेने या याचिका खारिज करने की बात कही थी। 19 जुलाई को चीफ जस्टिस एनवी रमना की अगुवाई वाली बेंच ने भी इस याचिका पर सहमति नहीं दी थी। दरअसल मद्रास हाई कोर्ट ने शख्स को बेटी की पोस्टमार्टम करने वाली एक्सपर्ट की टीम में अपनी मर्जी का एक डाक्टर शामिल करने की इजाजत दे दी थी।