नई दिल्ली

भारत एक जुलाई से वैश्विक स्तर पर उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जिन्होंने ऊर्जा की बढ़ती कीमतों से पेट्रोलियम कंपनियों को होने वाले अप्रत्याशित लाभ पर टैक्स लगाया है। सरकार के इस फैसले का असर ऑयल एंड गैस कंपनियों के स्टॉक पर देखने को मिल रहा है। 30 जून को ओएनजीसी के शेयर 151.55 रुपये पर थे। फैसले के बाद से इसमें गिरावट जारी है। 4 जुलाई को यह स्टॉक 126 रुपये पर बंद हुआ। इसके अलावा सोमवार को अडानी गैस 0.03 फीसद गिरकर 2388.25 रुपये पर बंद हुआ। आईओसी भी 0.13 फीसद टूटकर 74.45 रुपये और हिंदुस्तान पेट्रोलियम 0.55 फीसद की गिरावट के साथ 227.20 रुपये पर बंद हुआ। ऑयल एंड गैस इंडेक्स के गिरावट में बीपीसीएल, ओएनजीसी और ऑल का भी योगदान रहा। ओएनजीसी में 3.74 फीसद की गिरावट दर्ज की गई तो ओआईएल में 6.01 फीसद की।

निवेश का यही समय सही
ऑयल एंड गैस कंपनियों के शेयरों में गिरावट को देखते हुए बाजार के विशेषज्ञ इन स्टॉक्स में स्ट्रांग बाय की सलाह दे रहे हैं। ओएनजीसी के लिए 22 में 17 ने खरीदारी की सलाह दी है। आईओसीएल के लिए 31 में से 22 विशेषज्ञों ने खरीदने और केवल दो ने बेचने की सलाह दी है। यही हाल बीपीसीएल का भी है। 33 में से 28 विशेषज्ञ इस स्टॉक को तुरंत खरीदने की सलाह दे रहे हैं। इसका टार्गेट प्राइस 375 से 415 रुपये पर पहुंच गया है, जबकि सोमवार को 316.35 रुपये पर बंद हुआ था।