भोपाल
मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने 220 के.व्ही. सब स्टेशन दमोह में 220/132 के.व्ही. के 160 एमव्हीए क्षमता के स्थान पर विशेष डिजाइन से तैयार किया हुआ 200 एमव्हीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया है। ट्रांसमिशन कंपनी के मुख्य अभियंता प्रोक्योरमेंट जबलपुर इंजी. अजय श्रीवास्तव ने बताया कि मध्यप्रदेश में परंपरागत 120 एमव्हीए या 160 एमव्हीए के पावर ट्रांसफार्मर लगाये जाते थे। इनके स्थान पर 200 एमव्हीए क्षमता का यह पहला पावर ट्रांसफार्मर है।

दमोह के साथ छतरपुर, टीकमगढ़, सागर जिले को भी होगा फायदा
दमोह में इस ट्रांसफार्मर के स्थापित होने से जिले के हट्टा, तेजगढ़, बटियागढ़ तथा पटेरा के 132 के.व्ही सब-स्टेशनों से जुड़े विद्युत उपभोक्ताओं के अलावा सागर, छतरपुर ,टीकमगढ़ जिले के सब-स्टेशनों को भी फायदा होगा। यहाँ किसी इमरजेंसी में 220 के.व्ही. सब-स्टेशन दमोह से सप्लाई दी जा सकेगी |

16 जून 1967 को शुरू हुआ था दमोह में पहला अति उच्च दाब सब-स्टेशन
दमोह पूर्व में मध्यप्रदेश विद्युत मंडल का प्रमुख लोड सेंटर हुआ करता था। दमोह से सागर, टीकमगढ़, छतरपुर, बिजावर, बीना आदि क्षेत्रों सहित अनेक सीमेंट फैक्ट्रियों तथा रेलवे को विद्युत आपूर्ति की जाती थी।

दमोह जिले में 16 जून 1967 को पहला अति उच्च दाब सब-स्टेशन 12.5 एमव्हीए क्षमता के साथ प्रारंभ हुआ था। आज दमोह जिले में 220 के.व्ही. के एक तथा 132 के.व्ही. के पाँच सब-स्टेशनों के साथ विद्युत आपूर्ति की जाती है

दमोह में 220 के.व्ही. साइड की 360 एमव्हीए तथा 132 के.व्ही. साइड की 530 एमव्हीए की मजबूत ट्रांसफॉरमेशन क्षमता है, जो जिले के उपभोक्ताओं को उचित गुणवत्ता की निर्बाध विद्युत आपूर्ति करने में सक्षम है।