भोपाल

विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी झेल रहे मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में प्रशासकीय और प्रशासनिक पदों पर जमे विशेषज्ञ, प्रभारी विशेषज्ञ और पीजी चिकित्सा अधिकारियों को अब इन पदों की जिम्मेदारी से मुक्त कर चिकित्सीय कार्य में लगाया जाएगा। स्वास्थ्य आयुक्त सुदाम खाड़े ने प्रदेशर के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों और सभी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि जिला स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कुष्ठ अधिकारी, जिला मलेरिया अधिकारी और मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी और राष्ट्रीय कार्यक्रमों की जिम्मेदारी से जुड़े पदों पर काबिज विशेषज्ञ विशेषज्ञ चिकित्सक, प्रभारी विशेषज्ञ और पीजी चिकित्सा अधिकारियों को इन पदों की जिम्मेदारी से मुक्त किया जाए। ऐसे पदों की जिम्मेदारी ऐसे नियमित चिकित्सा अधिकारियों को दी जाए जो एमडीपीएसएम या पब्लिक हेल्थ मैनेजमेंट की योग्यता रखते हों।

इसलिए पड़ी जरूरत
प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा विशेषज्ञ, पीजी चिकित्सा अधिकारियों की कमी चल रही है। कई जिलों के अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं है। वहीं यह देखा जा रहा है कि प्रदेश में विशेषज्ञ और पीजी चिकित्सा अधिकारियों से चिकित्सीय कार्य नहीं लेकर उनसे कार्यालयीन कार्य कराया जा रहा है। इसको ध्यान में रखते हुए ऐसे सभी विशेषज्ञ चिकित्सकों को कार्यालयीन कार्य और प्रशासकीय पदों की जिम्मेदारी से मुक्त करने का निर्णय लिया गया है।