इंदौर
 देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के ईएमआरसी से पासआउट विद्यार्थियों की शार्ट फिल्म 'मेला' (कार्निवाल) को एकेडमी अवार्ड्स (आस्कर) में चुन लिया है। यह स्टूडेंट कैटेगरी में चयनित पहली एशियाई फिल्म है। विद्यार्थियों के मुताबिक पढ़ाई के दौरान दो साल पहले फिल्म बनाई थी, जो तीन बेघर बच्चों पर आधारित थी। फिल्म को कई फेस्टिवल्स में प्रदर्शित किया जा चुका है। फिल्म को प्रांजल जोशी एवं अनिकेत त्रिवेदी ने निर्देशित एवं लेखन किया है। स्टूडेंट आस्कर में जगह बनने वाली शार्ट फिल्म 'मेला' को फ्रांस, इटली, ग्रीस, स्पेन, अमेरिका और इंग्लैंड समेत 25 देशों के फिल्म फेस्टिवल में दिखाया गया है। फ्रांस के एक फेस्टिवल में यह फिल्म अवार्ड भी जीत चुकी है। प्रांजल और अनिकेत बताते हैं मेला एक चिल्ड्रन ड्रामा जानर फिल्म है।

अपनी रोजमर्रा की जिंदगी के तमाम संघर्षों से गुजरते हुए तीन बेघर बच्चे कुछ पैसे जमा करने की जिद्दोजहद में लगे हैं। इस बीच शहर में मेला आयोजित होता है। जहां ये तीनों बच्चे जाना चाहते हैं। काफी मुश्किलों के बाद बच्चों को मेले में प्रवेश मिल जाता है। मगर उस रात के उलटफेर से बेखबर ये मासूम नहीं जानते कि आने वाला वक्त रोमांच से भरा होगा या होगी एक दुर्घटना। वे बताते हैं फिल्म में यश कान्हेरे, आदित्य चोलकर और वंश गांधी ने प्रमुख भूमिका निभाई है।

फिल्म की पूरी टीम में ईएमआरसी के विद्यार्थी

फिल्म की पूरी टीम में ईएमआरसी के विद्यार्थी हैं। सिनेमेटोग्राफी अनिकेत त्रिवेदी, कुणाल राव एवं अथर्व भावे ने की है। सहायक निर्देशक प्रणय त्रिपाठी एवं साउंड रिकार्डिंग प्रणित जाजाल ने की है। ईएमआरसी के प्रभारी निदेशक डा. चंदन गुप्ता का कहना है कि पढ़ाई के दौरान विद्यार्थियों ने फिल्म बनाई थी। डेढ़ साल में कई जगह फिल्म दिखाई जा चुकी है।