मुंबई
भारतीय टीम ने 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की सीरीज में 2-1 की बढ़त ली थी। आखिरी मैच महामारी कोविड-19 की वजह से नहीं हो पाया। अब जब टीम इंडिया इंग्लैंड पहुंची तो उसे बचा हुआ 5वां मैच खेलना था। बर्मिंघम में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम जसप्रीत बुमराह की कप्तानी में शुरुआती 3 दिनों तक लीड भी करते दिखी, लेकिन चौथे और 5वें दिन इंग्लैंड के पलटवार के बाद उसकी हालत खराब हो गई।

7 विकेट से हार के बाद टीम इंडिया न केवल लीड गवाकर सीरीज बराबरी पर खत्म होने के लिए मजबूर हुई, बल्कि शर्मनाक हार से उसकी साख भी दांव पर लग गई। 378 रन कम नहीं होते हैं और टीम इंडिया को इसे हर हाल में करना चाहिए था। जब हार के कारणों के बारे में कोच राहुल द्रविड़ से पूछा गया तो उन्होंने तीसरी पारी में बड़ा स्कोर नहीं बना पाना हार की वजह बताया।

उन्होंने साथ ही कहा कि वह टीम का रिव्यू करेंगे। यह समझने की कोशिश करेंगे कि आखिर तीसरी पारी में भारतीय टीम रन क्यों नहीं बना पा रही है। अगर यहां वाकई में राहुल द्रविड़ रिव्यू करते हैं और उस आधार पर खिलाड़ियों को बाहर किया जाता है तो उनमें विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा का नाम शामिल हो सकता है। विराट कोहली ने बांग्लादेश के खिलाफ 2019 में शतक लगाया था और उसके बाद से वह तिहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सके। हर कोई यह जानना चाहता है कि 3 वर्ष पहले किए गए प्रदर्शन के आधार पर किसी खिलाड़ी को कितना देर तक खिलाया जा सकता है।

दूसरी ओर, चेतेश्वर पुजारा के साथ भी ऐसा ही है। उनका बल्ला भी लगातार खामोश है। हालांकि, उन्होंने बर्मिंघम में हाफ सेंचुरी जरूर लगाई थी, लेकिन यह उनके कद के साथ न्याय नहीं है। उन्होंने काउंटी में दो दोहरा शतक सहित 4 शतक लगाने की वजह से टीम इंडिया में आए थे, लेकिन यहां एक बार फिर उनका बल्ला खामोश रह गया। उसके बाद हनुमा विहारी और श्रेयस अय्यर भी दोनों पारियों में असफल रहे।

वह रविंद्र जडेजा और ऋषभ पंत ने पहली पारी में शतक जड़े थे, जिससे भारत ने कुछ देर टिकने का दम दिखाया था। अगर ये शतक नहीं होते तो हो सकता है कि मैच 4 दिन में ही खत्म हो जाता। हालांकि, अब जब राहुल द्रविड़ की कोचिंग में भारत लगातार विदेशों में तीसरा मैच हारा है तो उसे वाकई में रिव्यू और बड़ी कार्रवाई की जरूरत है।