लाहौर
लाहौर उच्च न्यायालय (Lahore High Court, LHC) ने गुरुवार को पंजाब के मुख्यमंत्री हमजा शाहबाज के चुनाव को रद कर दिया। बड़ी बात यह कि लाहौर हाईकोर्ट ने पंजाब में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (Pakistan Muslim League-Nawaz, PML-N) सरकार के खिलाफ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (Pakistan Tehreek-i-Insaf, PTI) की याचिकाओं को स्वीकार कर लिया। लाहौर हाईकोई के इस फैसले को मौजूदा शहबाज शरीफ की सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। 'द न्यूज इंटरनेशनल' (The News International) की रिपोर्ट के मुताबिक न्यायमूर्ति सदाकत अली खान की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ ने हमजा शाहबाज के मुख्यमंत्री के रूप में चुनाव के खिलाफ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ यानी पीटीआई की ओर से दायर याचिकाओं पर 4-1 के साथ फैसला सुनाया। पीठ में न्यायमूर्ति शाहिद जमील, न्यायमूर्ति शेहराम सरवर, न्यायमूर्ति साजिद महमूद सेठी और न्यायमूर्ति तारिक सलीम शेख शामिल थे। इस फैसले में जस्टिस सेठी अपने साथी न्यायाधीशों से असहमत थे।

समाचार एजेंसी एएनआइ की रिपोर्ट के मुताबिक हमजा शाहबाज को 16 अप्रैल 2022 को पंजाब विधानसभा के हंगामेदार सत्र में पंजाब का मुख्यमंत्री चुना गया था। पीटीआई और पीएमएल-क्यू ने अराजक सत्र में हमजा शाहबाज के चुनाव का आरोप लगाते हुए इसको चुनौती दी थी। मतदान से पहले पंजाब विधानसभा के तीन पीटीआई सदस्यों को डिप्टी स्पीकर दोस्त मोहम्मद मजारी पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था। पार्टी ने नए मुख्यमंत्री का चुनाव करने के लिए सत्र का बहिष्कार किया था। समाचार एजेंसी एएनआइ की रिपोर्ट के मुताबिक हमजा शहबाज 197 मतों के साथ मुख्यमंत्री के रूप में चुने गए थे, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी परवेज इलाही को कोई वोट नहीं मिला था क्योंकि उनकी पार्टी और पीटीआई ने इस चुनाव का बहिष्कार किया था। हाईकोर्ट के आदेश से देश के सबसे बड़े प्रांत पंजाब में एक नया सियासी संकट पैदा होने की आशंका है क्योंकि पीटीआई नेताओं ने कहा है कि सीएम चुनाव फिर से होगा। विश्वास मत के लिए नए मुख्यमंत्री को 186 वोट प्राप्त करना होगा।