प्रयागराज
 
गंभीर रूप से एक से अधिक दिव्यांगता (बहु-दिव्यांग) के शिकार बच्चों को पहली बार अध्ययन सामग्री और स्टेशनरी बांटी जाएगी। उत्‍तर प्रदेश के 10181 ऐसे बच्चे जो गंभीर दिव्यांगता के कारण स्कूल नहीं आ सकते हैं, उनके लिए घर पर ही शिक्षण की व्यवस्था की जाती है। अब ऐसे बच्चों को 3500 रुपए प्रति छात्र की लागत से अध्ययन सामग्री और स्टेशनरी दी जाएगी। इसके लिए कुल 3.56 करोड़ का बजट जारी हुआ है।

पिछले साल भी बजट मिला था लेकिन एजेंसी का चयन न होने से प्रयागराज समेत अधिकांश जिलों में वितरण नहीं हो सका था। चुनिंदा जिलों में बच्चों को सुविधा मिल सकी थी। खरीद के लिए बीएसए की अध्यक्षता में कमेटी बनी है। समेकित शिक्षा के अंतर्गत गृह आधारित शिक्षण कार्यक्रम संचालित है। इसमें स्पेशल एजूकेटर्स और फिजियोथेरेपिस्ट एक से अधिक दिव्यांगता के शिकार बच्चों के घर जाकर शिक्षा देते हैं।

प्रयागराज के 225 बच्चों के लिए 7.8 लाख रुपये
प्रयागराज के 225 बहु-दिव्यांग बच्चों को अध्ययन सामग्री देने के लिए 7.87 लाख रुपये का बजट मिला है। प्रतापगढ़ में 135, कौशाम्बी 100 व फतेहपुर में 45 बच्चे चिह्नित हैं। बहु-दिव्यांग बच्चों को अध्ययन सामग्री और स्टेशनरी दी जानी है। पिछले साल पहली बार बजट आया था लेकिन एजेंसी का चयन न होने से राशि सरेंडर करनी पड़ी थी।