नई दिल्ली।
 
ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मो. जुबैर की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को सुनवाई कर सकता है। जुबैर ने एफआईआर निरस्त कराने के लिए याचिका दाखिल की है। जस्टिस इंदिरा बनर्जी की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि मामला शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है, लेकिन यह मुख्य न्यायाधीश के आदेश पर निर्भर करेगा। जुबैर पर घृणा फैलाने वाली खबर लिखने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसे रद्द करने से इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया था।

 मो. जुबैर को तिहाड़ जेल से सीतापुर जेल शिफ्ट किया गया है। यहां सीजेएम कोर्ट में उसकी ओर से दाखिल जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी। पुलिस रिमांड पर अब उनसे पूछताछ होगी। पुलिस के मुताबिक 16 जुलाई तक रिमांड मिली है। जुबैर को गुरुवार को भारी सुरक्षा के बीच दिल्ली से लाया गया है। दिल्ली पुलिस और सीतापुर पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया। दरअसल, खैराबाद थाने में एफआईआर संख्या 0226 में 295-ए तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम की धारा 67 के तहत मामला दर्ज है। यह रिपोर्ट राष्ट्रीय हिन्दू शेर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवान शरण ने 27 मई 2022 को दर्ज कराई थी। उसमें संतों का अपमान करने और धार्मिक भावनाएं भड़काने व हत्या के लिए उकसाने जैसे आरोप लगाए गए थे। उसी कड़ी में पुलिस जुबैर को तलाश रही थी।
 
इस समय वह तिहाड़ जेल में था, पुलिस उसे सीतापुर लाने में सफल हो गई है। हालांकि, मामले में जुबैर की ओर से जमानत याचिका भी दायर की गई थी। उधर, तीन दिन पूर्व इसी मामले में दिल्ली पुलिस ने अदालत में पेश किया था, उसी दिन सीतापुर पुलिस ने रिमांड अर्जी दाखिल कर दी थी।

विशेष सुरक्षा बैरक में जुबैर
अपर पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह के मुताबिक पुलिस के साइबर सेल और तकनीक विशेषज्ञों की टीम विस्तृत जांच करेगी। पूछताछ में एक्ट के उल्लंघन की बारीकी से पड़ताल होगी। फिलहाल उसे सीतापुर जेज में विशेष सुरक्षा बैरक में रखा गया है। सीओ सिटी पीयूष कुमार सिंह का कहना है कि जुबैर से खैराबाद में दर्ज मामले के बारे में पूछताछ होगी इसके लिए अदालत ने 16 जुलाई तक रिमांड दी है।