फिल्में हो या टीवी शो, ओटीटी हो या फिर ऐड फिल्म, रोहित शेट्टी का नाम जहां जुड़ा, समझो गाड़ियों की शामत आ गई। स्क्रीन पर गाड़ियों को उड़ाना अब एक तरह से रोहित शेट्टी की पहचान हो गई है। ऐसे में, लोगों को भले कभी ऐसा लगे कि वे एक ही चीज बार-बार करते हैं, लेकिन खुद रोहित को अपने ये ऐक्शन सीन दोहराव भरे नहीं लगते।

गाड़ियां उड़ने का इंतजार करते हैं दर्शक
बकौल रोहित, 'नहीं, मुझे कभी ये सीन दोहराव भरे नहीं लगते क्योंकि साल में एक बार एक आदमी आता है और ये चीजें करता है। बाकी पूरे साल में ऑडियंस बाकी चीजें देख लेती है। वे मेरी फिल्मों में इसके लिए इंतजार करती है, तो अगर मैं ये ऐक्शन सीन नहीं करूंगा, तो वो नाराज हो जाएगी। इसलिए, एक फिल्म मेकर के तौर पर मेरी जिम्मेदारी बनती है कि अपनी ऑडियंस की उम्मीदों पर खरा उतरूं।'

हर बार बड़ा करने की चुनौती
टीवी शो खतरों के खिलाड़ी से लगातार जुड़े रहने की वजह भी रोहित ऑडियंस का प्यार मानते हैं। सातवीं बार ये शो होस्ट कर रहे रोहित कहते हैं, 'ये ऑडियंस का प्यार है, जिसकी वजह से मैं हर साल ये शो करता हूं। लोग इसका इंतजार करते हैं। फिल्म सेट हो या एयरपोर्ट-मॉल, किसी भी पब्लिक प्लेस पर मुझसे दो सवाल ज्यादातर पूछे जाते हैं कि अगली फिल्म कौन सी आ रही है और खतरों के खिलाड़ी का नया सीजन कब आ रहा है। तो ये लोगों का प्यार है, जिसके लिए हमें हर बार ये शो करना पड़ता है और हम करते रहेंगे। हर बार ये चैलेंज भी रहता है कि नया क्या करें, बड़ा क्या करें। इस बार भी वही चुनौती थी कि जैसे पिछला सीजन लोगों को पसंद आया है, ये सीजन और पसंद आए और हमने वो किया है। इस बार ऐक्शन नया है, ह्यूमर बहुत है, तो ये पूरा एक एंटरटेनिंग शो होगा।'

अपनों के लिए लगता है डर
शो में अपने प्रतिभागियों को खतरनाक टास्क देकर डराने वाले रोहित शेट्टी को खुद किस चीज से डर लगता है, ये पूछने पर उनका कहना है, 'जहां तक आप मेरे काम की बात करें या ऐक्शन की बात करें, तो वैसा कोई डर नहीं है। वो डर उम्र और अनुभव के साथ धीरे-धीरे कम होता जाता है, लेकिन निश्चित तौर पर आप चाहते हैं कि जिनसे आप प्यार करते हैं, आपका परिवार, उन्हें कुछ न हो। बस वही डर रहता है। बाकी जो रोजमर्रा की चीजें हैं या जो मेरा काम है, उसे लेकर कोई डर नहीं रहता।'