ग्वालियर
ग्वालियर में झमाझम बारिश ने लोगों को उमस व चिपचिपी गर्मी से राहत दिला दी। सुबह से लेकर दोपहर तक 8 घंटे में सबसे अधिक 21.9 एमएम वर्षा दर्ज की गई।

मौसम वैज्ञानिक सीके उपाध्याय का कहना है कि वातावरण में अधिक गर्मी बढ़ने से स्थानीय प्रभाव के चलते वर्षा हुई है, न कि मानसूनी वर्षा है। क्योंकि मानसूनी अक्ष नियत स्थान से दक्षिण की तरफ शिफ्ट हो चुकी है। जिसके कारण मानसूनी वर्षा फिलहाल अगले चार दिन बाद ही होने के आसार बन रहे हैं, क्योंकि 13 जुलाई काे बंगाल की खाड़ी में हवाओं का सिस्टम बन रहा है, जो 15 जुलाई से वर्षा कराएगा। रविवार को अधिकतम तापमान 36.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार सामान्य रही और आद्रता 77 फीसद दर्ज की गई।

दस दिन में हुई 51.3 एमएम वर्षाः जुलाई के दस दिन वर्षा के लिहाज से ठीक रहे। पिछले दस दिन में जुलाई के दस दिन में 51.3 एमएम वर्षा हाे चुकी है। यदि पूरे मौसम की बात करें तो 10 जुलाई को सबसे अधिक वर्षा 21.9 एमएम दर्ज की गई। इससे पहले 5 जुलाई 18.8 एमएम वर्ष दर्ज की गई थी। हालांकि मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि रविवार को जो बारिश हुई है, वह 11 जुलाई के आंकड़ों में जोड़ी जाएगी।