नई दिल्ली
 
अग्निपथ योजना को लेकर बवाल के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला किया है। मंत्रालय ने अर्ध सैनिक बल (सीएपीएफ) और असम राइफल्स में अग्निवीरों की भर्ती के लिए 10% सीटों को आरक्षित करने का फैसला किया है। इसके अलावा, अर्ध सैनिक बल और असम राइफल्स में भर्ती के लिए अग्निवीरों को तय ऊपरी आयु सीमा से 3 साल की छूट दी जाएगी। वहीं, अग्निवीर के पहले बैच के लिए उम्र में छूट निर्धारित ऊपरी आयु सीमा से 5 वर्ष के लिए होगी।

गृह मंत्रालय ने अग्निवीर के रूप में सेवा पूरी करने वालों के लिए अधिकतम उम्र की सीमा में भी छूट का ऐलान कर दिया है. गृह मंत्रालय के मुताबिक अग्निवीरों को अधिकतम आयु सीमा में तीन साल की छूट दी जाएगी. अग्निपथ योजना के तहत भर्ती अग्निवीरों के पहले बैच के लिए अधिकतम आयु की सीमा में पांच साल की छूट दी जाएगी.

गौरतलब है कि तीनों सेना में भर्ती के लिए केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना का ऐलान किया था. सेना में अग्निपथ योजना के तहत चार साल के लिए अग्निवीरों की भर्ती की जानी है. इस योजना का ऐलान किए जाने के बाद ही गृह मंत्री अमित शाह ने भी अग्निवीरों के लिए बड़ा ऐलान किया था.

अमित शाह ने ये घोषणा कर दी थी कि असम राइफल्स और CAPF की भर्तियों में अग्निवीरों को प्राथमिकता दी जाएगी. गृह मंत्रालय की ओर से अग्निपथ योजना को प्रशिक्षित युवा के लिए आगे भी देश की सेवा और सुरक्षा में योगदान देने का जरिया बताया गया था. गृह मंत्रालय ने अब अग्निवीरों के लिए आरक्षण का ऐलान भी कर दिया है.

सरकार ने अग्निपथ योजना के लिए ऊपरी आयु सीमा में 21 वर्ष से बढ़ाकर 23 वर्ष करने के लिए एकमुश्त छूट प्रदान की है. पिछले दो वर्षों में कोई भर्ती नहीं होने के कारण यह निर्णय लिया गया है. सेना भर्ती के लिए निर्धाारित शैक्षणिक योग्‍यता पूर्ववत ही रहेगी.

सरकार की तरफ से यह एलान ऐसे समय में आया है, जब पूरे देश में अग्निपथ स्कीम को लेकर युवा सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। बिहार के जहानाबाद में आज फिर प्रदर्शनकारियों के एक गुट ने बसों और ट्रकों में आग लगा दी। फिलहाल इस स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए कई जिलों में धारा 144 लगाई गई है। साथ ही इंटरनेट भी बंद करने का फैसला किया गया है।  

12वीं पास उम्‍मीदवार अग्निपथ योजना के तहत भर्ती के लिए पात्र होंगे. फिजिकल स्‍टैंडर्ड और फिजिकल एफिशिएंसी टेस्‍ट के आधार पर ही उम्‍मीदवारों का चयन होगा. इस योजना के तहत हर साल करीब 45 हजार युवाओं को सेना में शामिल किया जाएगा. ये भर्तियां मेरिट और मेडिकल टेस्ट के आधार पर की जाएंगी.

4 साल की सेवा के दौरान अग्निवीर शहीद या दिव्यांग हो गए, तो 44 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा. चार साल पूरे होने के बाद 25 फीसदी को फिर सेना में 15 साल और सेवा करने का मौका मिलेगा.

अग्निपथ योजना को लेकर सवाल उठ रहे थे कि चार साल पूरे होने के बाद भले ही 25 फीसदी अग्निवीरों को स्थायी काडर में भर्ती कर लिया जाएगा लेकिन शेष 75 फीसदी युवाओं के पास चार साल बाद क्या विकल्प होगा. इसी को देश के कई हिस्सों में बवाल मचा हुआ है.