बेंगलुरु

रणजी ट्रॉफी 2021-22 के फाइनल मैच में मुंबई और मध्य प्रदेश की टीमें आमने-सामने हैं. बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले जा रहे इस मुकाबले के तीसरे दिन एमपी के बल्लेबाजों शुभम शर्मा और यश दुबे ने समां बांध दिया. दोनों खिलाड़ियों ने मुंबई के गेंदबाजों का सामना करते हुए शानदार शतक जड़ दिए.

शुभम शर्मा और यश दुबे के बीच दूसरे विकेट के लिए 222 रनों की साझेदारी हुई. इस शानदार पार्टनरशिप की बदौलत एमपी पहली पारी में बढ़त हासिल करने के करीब पहुंच गई है, जो मुकाबले के लिहाज से निर्णायक साबित हो सकता है. शुभम शर्मा 116 रन बनाकर मोहित अवस्थी का शिकार बने.

मुंबई ने बनाए थे 374 रन

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई की पहली पारी 374 रनों पर ढेर हो गई. सरफराज खान ने शानदार बैटिंग का नजारा पेश करते हुए 134 रनों की पारी खेली. इसके अलावा यशस्वी जायसवाल ने 78 और पृथ्वी शॉ ने 47 रनों का योगदान दिया. पृथ्वी शॉ और यशस्वी जायसवाल ने पहले विकेट के लिए 87 रनों की पार्टनरशिप कर शानदार शुरुआत दिलाई थी. एमपी की ओर से गौरव यादव ने चार और अनुभव अग्रवाल ने तीन विकेट चटकाए.

41 बार की चैम्पियन है मुंबई

मध्य प्रदेश की टीम 1998-99 सीजन के बाद पहली बार फाइनल खेल रही है. उस सीजन चंद्रकांत पंडित की अगुवाई में मध्य प्रदेश उपविजेता रही थी, जो अब टीम के हेड कोच हैं. वहीं 41 बार की चैम्पियन मुंबई की टीम रिकॉर्ड 47वां फाइनल मुकाबला खेल रही है. सेमीफाइनल मुकाबले में मध्य प्रदेश ने बंगाल को 174 रनों से शिकस्त दी. वहीं मुंबई ने पहली पारी में मिली बढ़त के आधार पर उत्तरप्रदेश को पराजित किया था.

मुंबई पर मंडराने लगा हार का खतरा

मध्य प्रदेश की धाकड़ बल्लेबाजी के चलते मुंबई पर हार का खतरा मंडराने लगा है। दरअसल, रणजी ट्रॉफी का नियम है मगर नॉक आउट स्टेज के मुकाबलों में 5 दिन के अंतराल में अगर दोनों इनिंग पूरी नहीं होती तो नतीजा पहली पारी के आधार पर लिया जाता है। अगर एमपी यहां से मुंबई पर बढ़त हासिल करने में कामयाब रहती है तो वह जीत की तरफ एक कदम बढ़ा लेगी।