नई दिल्ली
 अग्निपथ के खिलाफ देश के तमाम हिस्सों में शनिवार को भी प्रदर्शन जारी रहा। विरोध प्रदर्शन (Agnipath Protest Impact) के चलते देश के कई हिस्सों में रेल सेवाएं प्रभावित रहीं। शनिवार को दोपहर 2 बजे तक करीब 371 ट्रेनें अग्निपथ के खिलाफ प्रदर्शन की वजह से प्रभावित हुईं। ट्रेनों के रद्द होने या आंशिक रूप से रद्द होने के चलते यात्रियों को काफी दिक्कत हुई।

विरोध प्रदर्शन के चलते 369 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। इनमें 210 मेल एक्स्प्रेस ट्रेनें हैं, जबकि 159 पैसेंजर ट्रेनें हैं। इनके अलावा 2 मेल एक्सप्रेस ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द किया गया है। हालांकि, किसी भी ट्रेन का रास्ता नहीं बदला गया है। यानी कुल मिलाकर 371 ट्रेनों पर विरोध प्रदर्शन का असर पड़ा है।

पूर्व मध्य रेल क्षेत्राधिकार में ट्रेनों के परिचालन में बदलाव
बिहार राज्य में चल रहे धरना प्रदर्शन के कारण यात्री सुरक्षा/संरक्षा के मद्देनजर दूसरे क्षेत्रीय रेलों से खुलकर पूर्व मध्य रेल क्षेत्राधिकार से गुजरने/पहुंचने वाली ट्रेनों के परिचालन में अस्थाई बदलाव किया गया है। यात्रियों एवं रेल संपत्ति की सुरक्षा के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है कि दिनांक 18.06.2022 को 20.00 बजे से 19.06.2022 को 04.00 बजे तक तथा पुनः 19.06.2022 को 20.00 बजे से 20.06.2022 को 04.00 बजे तक ही पूर्व मध्य रेल क्षेत्राधिकार से गुजरने/पहुंचने वाली ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा।

योजना के ऐलान के बाद से शुरू है विरोध-प्रदर्शन

योजना के ऐलान के बाद से ही यूपी, बिहार समेत देश के अन्य हिस्सों में प्रदर्शन शुरू हो गया था। देखते-देखते यह प्रदर्शन हिंसक हो गया और युवाओं ने कई ट्रेनों में आग लगी दी और स्टेसन पर तोड़फोड़ की। ट्रेन सेवाओं के बाधित होने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाए जाने के मद्देनजर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को कहा कि सरकार रेलवे की संपत्ति की रक्षा के लिए रेलवे अधिनियम को और मजबूत करने की दिशा में काम करेगी।

कानून को हाथ में न लेने की अपील

वैष्णव ने एक टीवी समिट में प्रदर्शनकारियों से कानून हाथ में न लेने की भी अपील की। उन्होंने कहा, 'सरकार आपकी सभी चिंताओं को सुनेगी और उनका समाधान किया जाएगा।' सशस्त्र बलों में अल्पकालिक आधार पर भर्ती के लिए केंद्र की ओर से पेश की गई 'अग्निपथ' योजना के खिलाफ बिहार और अन्य राज्यों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनों के दौरान शुक्रवार को 340 से अधिक ट्रेन प्रभावित हुईं और सात से अधिक ट्रेन में आग लगा दी गई।