ग्वालियर

जीवाजी विश्वविद्यालय में अलग-अलग अध्यादेशों से पीएचडी कराई जा रही है। इन अध्यादेशों में पंजीयन की तिथि और थीसिस जमा करने की अधिकतम अवधि को लेकर भिन्नता है। शुक्रवार को जेयू में हुई स्थाई समिति की बैठक में  संकायाध्यक्षों(डीन) ने इस भिन्नता पर कई सवाल उठाए। वाणिज्य संकाय के डीन प्रो.एसके सिंह ने पीएचडी के इन अध्यादेशों की अधिकतम अवधि पर लीगल एडवाइज लेने की बात कही। एक समान व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि शोधार्थियों के बीच किसी तरह की पशोवेश की स्थिति न रहे। कुलपति प्रो.अविनाश तिवारी ने बैठक में आश्वासन दिया कि समिति गठित पीएचडी संबंधी विसंगतियों को दूर किया जाएगा।

जेयू में स्थाई समिति की बैठक कुलपति की अध्यक्षता में हुई। जिसमें बतौर सचिव कुलसचिव डॉ.सुशील मंडेरिया मौजूद रहे। बैठक में केआरजी कॉलेज को गणित और  एसएलपी कॉलेज को भूगोल विषय का शोध केन्द्र बनाने की अनुमति प्रदान की गई। बैठक में स्नातक छात्रों की एटीकेटी की विशेष परीक्षा कराने का प्रस्ताव भी भेजा गया था। इसे सर्वसम्मति से मंजूर किया गया। पिछले वर्षों से सेमेस्टर परीक्षा के जिन छात्रों की एक या दो विषयों में एटीकेटी है,जिस कारण उनकी डिग्री नहीं हो पाई है,वे एटीकेटी की विशेष परीक्षा में शामिल होकर डिग्री कर सकते हैं।

शिलान्यास पट्टिका में एचओडी का भी नाम दर्ज हो
स्थाई समिति की बैठक में कॉमर्स के डीन प्रो.एसके सिंह ने कहा कि विवि के विभागों के जिन नए भवनों की  शिलान्यास पट्टिका पर संबंधित विभाग के एचओडी का नाम भी लिखा जाना चाहिए।

छात्रवृत्ति में लापरवाही,तीन कॉलेजों पर लटकी तलवार
एससी,एसटी के छात्रों की छात्रवृत्ति में लापरवाही बरतने पर भिंड के तीन निजी कॉलेजों की संबद्धता पर तलवार लटक गई है। भिंड कलेक्टर ने पं.दीनदयाल कॉलेज,दैपुरिया कॉलेज मेहगांव और रोशनलाल दैपुरिया कॉलेज सुरपुरा की संबद्धता समाप्त करने जेयू को पत्र भेजा है। यह पत्र स्थाई समिति में रखा गया। जिस पर निर्णय हुआ कि इस मामले में इन कॉलेजों की छात्रवृत्ति संबंधी रिपोर्ट नोडल सेंटर से मंगाई जाए। इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाए।