भोपाल
मध्यप्रदेश में सरकारी अनुपयोगी सम्पत्ति से आय अर्जित करने दो विभागों में होड़ मची हुई है। लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग सम्पत्ति की नीलामी कर सरकारी खजाने में हर साल करोड़ों रुपए जमा करा रहा है तो वहीं मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल निजी निवेशकों की मदद से प्रदेशभर में सरकारी प्रापर्टी के रिडेंसीफिकेशन के जरिए बारह सौ करोड़ के प्रोजेक्ट करा रहा है। दो हजार करोड़ के प्रोजेक्ट पाइप लाईन में है।

छह सौ करोड़ की सम्पत्ति बेचेगा लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग
लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग सरकारी अनुपयोगी सम्पत्ति और अतिक्रमण से मुक्त हुई जमीन और सम्पत्ति की सार्वजनिक नीलामी करता है। इंदौर के तरावली चांदा में हाल ही में विभाग ने दो करोड़ की जमीन दस करोड़ में बेची है। एयरपोर्ट के सामने पीपलनेर, भोपाल के भेल के खजूरी कला, नरसिंहपुर शहर, भोपाल में डीबी मॉल के सामने स्थित करोड़ों रुपए की बेशकीमती अनुपयोगी पड़ी जमीनों को बेचने के लिए विभाग ने निजी निवेशकों से प्रस्ताव आमंत्रित किए है।

बिना खर्च निजी निवेशकों से हाउसिंग बोर्ड करा रहा करोड़ों के प्रोजेक्ट
मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल प्रदेश में रिडेंसीफिकेशन के जरिए बारह सौ करोड़ के तेरह  प्रोजेक्ट निजी निवेशकों की मदद से बिना सरकारी खर्च के करा रहा है। हाउसिंग बोर्ड प्रदेश के सभी जिलों में काम कराने के लिए सरकारी अनुपयोगी सम्पत्ति की मैपिंग भी करा रहा है जिन्हें निजी निवेशकों की मदद से वहां कार्यालय भवन, आवास, अस्पताल और अन्य अधोसंरचना के निर्माण कराए जा रहे है। बोर्ड को इस काम के लिए चार प्रतिशत सुपरवीजन चार्ज मिलता है। बैतूल में जेल की 23 हजार वर्गमीटर जमीन पर 90 करोड़ 51 लाख रुपए की लागत से लायन कंसलटेंटस जेल की बिल्डिंग बनाकर देगा।