भोपाल
 राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 18 जुलाई को होना है। विपक्षी दलों के प्रत्याशी यशवंत सिन्हा गुरुवार को भोपाल में कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल हुए। इसमें गंधवानी विधानसभा क्षेत्र से विधायक उमंग सिंघार ने कहा कि उन्हें भाजपा की प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने के लिए 50 लाख रुपये की पेशकश की गई है। धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक पांचीलाल मेड़ा ने भी कहा कि उन्हें मंत्री पद का प्रस्ताव दिया गया है। सिन्हा ने इसे दुखी करने वाली घटना बताते हुए कहा कि जब भाजपा मुझे हारा हुआ प्रत्याशी बता चुकी है तो फिर इस तरह के हथकंडे क्यों अपनाए जा रहे हैं। रिटर्निंग आफिसर और भारत निर्वाचन आयोग को इसकी जांच करनी चाहिए। उन्होंने प्रजातंत्र की रक्षा के लिए सभी विपक्षी दलों से आगे आने की अपील की।

भोपाल के एक होटल में आयोजित कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद हुई पत्रकारवार्ता में यशवंत सिन्हा ने कहा कि आज मैं बहुत दुखी हूं। विधायक ने बैठक में कहा कि उनको फोन आ रहे हैं। प्रलोभन दिया जा रहा है कि इतने पैसे ले लो और वोट हमारे प्रत्याशी के पक्ष में दे दो। मैंने अभी तक सुना था कि विधायकों को प्रलोभन दिया जा रहा है पर भोपाल में इसका प्रमाण मिल गया। कभी कल्पना भी नहीं की थी कि मैं चुनाव में खड़ा हो जाऊंगा तो यह हाल जाएगा। भाजपा डर गई है इसलिए विधायकों की खरीद फरोख्त का रास्ता अपनाया है। मध्य प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र में चुनी हुई सरकार को अपदस्थ किया गया। गोवा में कांग्रेस के विधायकों को तोड़ने का प्रयास हुआ। लोकतंत्र में इससे बड़ा अपराध नहीं हो सकता है। शिवसेना द्वारा राष्ट्रपति पद के लिए द्रौपदी मुर्मू का समर्थन किए जाने पर कहा कि शिवसेना को तोड़कर सरकार गिराने के बाद अब दबाव बनाया जा रहा है कि हमारे प्रत्याशी का समर्थन करें। आज की भाजपा और पुरानी भाजपा में जमीन आसमान का अंतर है। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार एक वोट से गिर गई थी। आज की भाजपा में इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है।

सिंघार ने  कहा कि वोट के बदले भाजपा नेताओं द्वारा 50 लाख रुपये का प्रलोभन दिया गया है। हमारे दल के कुछ अन्य विधायकों से भी संपर्क किया गया है। उधर, पांचीलाल मेड़ा ने भी मीडिया से चर्चा में कहा कि मुझे मंत्री पद देने का प्रस्ताव दिया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने दावा किया कि कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट हैं और पार्टी लाइन पर ही मतदान करेंगे।