चंडीगढ़
पंजाब में सरकारी बसों पर जरनैल सिंह भिंडरावाला और उनके समर्थकों की तस्वीरें व नारे तत्काल प्रभाव से हटाने के मामले में परिवहन विभाग ने यू टर्न ले लिया है। पेप्सू रोड़ ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन पटियाला ने फोटो हटाने को लेकर जारी किए गए आर्डर को वापस ले लिया है। नए जारी किए गए आदेशों में कहा गया है कि इस फैसले का कई धार्मिक संस्थाओं की ओर से विरोध किया गया। किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे इसलिए आर्डर वापस लिए जाते हैं।

बता दें, कुछ दिन पहले डीजीपी कार्यालय की ओर से जारी आदेशों में कहा गया था कि पीआरटीसी और पेप्सू की कुछ बसों के चालकों और कंडक्टरों ने अपनी बसों में जरनैल सिंह भिंडरावाला और उनके समर्थकों की तस्वीरें चिपका दी हैं। पंजाब पुलिस ने इस पर आपत्ति जताते हुए उन्हें हटाने के आदेश जारी किए हैं। उधर, एसजीपीसी ने पुलिस विभाग के आदेशों का विरोध किया था। एसजीपीसी के सदस्य गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने ट्वीट कर इस पत्र की निंदा की थी। ट्वीट में गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने कहा कि सरकारी चिट्ठी में पीआरटीसी व पेप्सू पंजाब डीजीपी के कार्यालय ने राज्य आयुक्तों और जिला प्रमुखों को आदेश जारी किए थे, जिसमें बसों की नंबर प्लेट भी स्पष्ट रूप से लिखी गई थी।

इसके अलावा बरनाला, बठिंडा और संगरूर डिपो की कुछ पीआरटीसी और पेप्सू बसों पर भड़काऊ शब्द लिखे गए। डीजीपी ने निजी और सरकारी बसों से इन तस्वीरों और नारों को जल्द से जल्द हटाने के निर्देश दिए हैं। बता दें, पिछले कई दिनों से कई जिलों में खालिस्तानी समर्थन के नारे लिखे जा रहे हैं। हालांकि पुलिस की ओर से ऐसे मामलों में कार्रवाई की जा रही थी। बीते दिनों जालंधर की पीएपी की दीवार पर भी भड़काऊ नारा लिखने का मामला सामने आया था। पंजाब पुलिस के उच्च अधिकारी जिस गेट से पीएपी में आते जाते हैं वहां आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की ओर से अपने गुर्गें भेज खालिस्तानी स्लोगन लिखवाए गए थे।