भोपाल

भोपाल नगर निगम आम और खास में किसी तरह फर्क करता है। यह देखना हो तो आप वीआईपी इलाके चार इमली में जाकर देख सकते हैं। जहां मंत्री और आईएएस अफसरों के बंगले हैं। वहां सड़कों पर डामर पर डामर किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ जहां सड़कें बनाना चाहिए, वहां गड्डों पर गड्ढे बढ़ते जा रहे हैं। जबकि शहरवासी लंबे समय से बारिश से पहले सड़कों के निर्माण के लिए सरकारी एजेंसियों से गुहार लग रहे, लेकिन इंजीनियरों के कांनों में जूं नहीं रेंगी। चूंकि मानसून दस्तक दे चुका है और बारिश होने लगी है। इसलिए अब जो भी सड़कों के निर्माण की मांग करेगा उसको यह कहकर इंजीनियर चलता कर देंगे कि बारिश में सड़कें नहीं बनाई जाती। जबकि चार इमली में पिछले गुरुवार दोपहर को बनी बनाई सड़क पर डामर किया गया।

20 करोड़ का बजट लगाया ठिकाने
अप्रैल माह में हुई समीक्षा के बाद सड़कों के निर्माण को लेकर निगम ने 20 करोड़ का बजट सड़कों की मरम्मत के लिए रखा था। जिसे इंजीनियरों ने कमीशन के चक्कर में मनमर्जी से मरम्मत करवाकर ठिकाने लगा दिया है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता हैं बनी बनाई सड़कों पर डामर किया गया, लेकिन जहां सड़कों को मरम्मत की जरूरत है वहां आज
भी गड्ढे ही गड्ढे हैं।

इन सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे
जिंसी रोड, जेके रोड, सुभाष नगर फाटक रोड, भारत टकीज रोड, प्लेटफार्म नंबर 6 के सामने सड़क समेत कई नए और पुराने शहर की सड़कें ऐसी हैं। जिनमें गड्ढे ही गड्ढे हैं। इन सड़कों के  निर्माण की शहरवासी काफी लंबे समय से मांग कर रहे हैं, लेकिन यहां सड़कें नहीं बनाई गर्इं।