मुंबई
महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतें घटा दी हैं। महाराष्ट्र में पेट्रोल की कीमत में 5 रुपए और डीजल की कीमत में 3 रुपए की कटौती की गई है। शिंद सरकार के इस ऐलान के बाद आम लोगों को फायदा होगा।शिंदे ने कहा कि कुछ महीने पहले केंद्र द्वारा पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी के बाद कुछ राज्य सरकारों ने भी इसी तरह की राहत दी थी, और अब यह महाराष्ट्र में भी दी गई है।

 महाराष्ट्र की कैबिनेट में पेट्रोल-डीजल के दाम घटाने का फैसला लिया गया जिसके बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका ऐलान किया। मंत्रालय में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद शिंदे ने मीडिया को बताया कि इस फैसले से सरकारी खजाने पर 6,000 करोड़ रुपए का भार पड़ेगा। उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि शिवसेना और भाजपा की सरकार ने यह फैसला लोगों के कल्याण की खातिर लिया है।

राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाने से बचती क्यों हैं? इसे जानने से पहले पेट्रोल-डीजल की कीमत और एक्साइज ड्यूटी का गणित समझना जरूरी है.

1. पेट्रोल-डीजल की कीमत का गणित

– पेट्रोल और डीजल की कीमत उतनी ज्यादा नहीं होती, जितने में हमें मिलता है. लेकिन इस पर केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स की वजह से इसकी कीमत बढ़ जाती है.

– राजधानी दिल्ली में अभी एक लीटर पेट्रोल का बेस प्राइस 57.13 रुपये है. इस पर 19.90 रुपये एक्साइज ड्यूटी, 15.71 रुपये वैट और 3.78 रुपये डीलर कमीशन लगता है. इससे पेट्रोल की कीमत 96.72 रुपये हो गई.

– वहीं, डीजल का बेस प्राइस 57.92 रुपये प्रति लीटर है. इस पर 15.80 रुपये केंद्र की एक्साइज ड्यूटी और 13.11 रुपये वैट लगता है. इसके अलावा 2.57 रुपये प्रति लीटर डीलर कमीशन भी होता है. इससे एक लीटर डीजल की कीमत 89.62 रुपये हो गई.

 

2. एक्साइज ड्यूटी का गणित

– केंद्र सरकार को एक्साइज ड्यूटी लगाती है, उसमें दो कम्पोनेंट होते हैं. एक होता है टैक्स और दूसरा सेस. एक्साइज ड्यूटी पर टैक्स से केंद्र सरकार जो कमाती है, उसका 41% हिस्सा राज्यों को भी मिलता है. लेकिन एक्साइज ड्यूटी पर सेस से जो कमाई होती है, वो केंद्र के पास ही रहती है.

– एक्साइज ड्यूटी में बेसिक एक्साइज ड्यूटी (BED), स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED), रोड एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर सेस (RIC) और एग्रीकल्चर एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट सेस (AIDC) होता है. केंद्र सरकार राज्यों से सिर्फ बेसिक एक्साइज ड्यूटी ही साझा होती है. अभी पेट्रोल पर 1.40 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 1.80 रुपये प्रति लीटर बेसिक एक्साइज ड्यूटी लगती है.

– वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि पेट्रोल पर 8 रुपये और डीजल पर 6 रुपये की जो कटौती की गई है, वो रोड एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर सेस में की गई है. लिहाजा एक्साइज ड्यूटी में कटौती से राज्यों पर कोई असर नहीं पड़ेगा. पूरा भार केंद्र पर ही आएगा.