नई दिल्ली
राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद पवार ने मंगलवार को प्रेस कान्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट पर कहा कि यह तीसरी बार राज्य सरकार को गिराने की साजिश हो रही है। उन्होंने कहा कि ढाई साल से इसी तरह कोशिश की जा रही है। राज्य सरकार बिल्कुल सही तरीके से चल रही है। इसमें बदलाव की कोई जरूरत नहीं है। एकनाथ शिंदे से बात होने को लेकर पूछे गए सवाल पर पवार ने कहा कि उनकी किसी के साथ बात नहीं हुई है। उन्होंने कहा, 'एकनाथ शिंदे की नाराजगी पार्टी का अंदरुनी मामला है।'

भाजपा में जाने का सवाल ही नहीं- पवार
महाराष्ट्र में यदि सरकार गिर जाती है तो क्या विकल्प के तौर पर वे भाजपा के साथ जाएंगे। इसपर शरद पवार ने जवाब दिया, 'भाजपा के साथ जाने का सवाल ही नहीं।'  उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र की सत्ता से भाजपा को बेदखल करने वाले शरद पवार को भाजपा का समर्थन मिलने की संभावना नहीं के बराबर है। बता दें कि शरद पवार ने इस बार राष्ट्रपति पद की रेस से खुद को अलग कर लिया है।

एकनाथ ने कभी नहीं बताई सीएम बनने की चाहत- पवार
एकनाथ शिंदे व अन्य विधायकों से संपर्क न हो पाने पर शरद पवार ने कहा, 'एकनाथ शिंदे ने हमसे कभी नहीं कहा कि वे मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं… यह शिवसेना का आंतरिक मामला है, उनका जो भी फैसला होगा उसमें हम साथ हैं। हमें नहीं लगता की सरकार में किसी बदलाव की जरूरत है।'

एकनाथ शिंदे को लेकर पार्टी का फैसला
सूत्रों के अनुसार शिवसेना ने एकनाथ शिंदे को विधायक दल के नेता पद से हटाने का फैसला लिया है। इनकी जगह सेवरी विधायक अजय चौधरी को लिया जाएगा। इस क्रम में एकनाथ शिंदे ने ट्वीट कर कहा है, 'हम बाला साहेब के पक्के शिवसैनिक हैं, सत्ता के लिए न कभी धोखा दिया है न देंगे। बाला साहेब ने हमें हिंदुत्व सिखाया है।'   महाराष्‍ट्र की राजनीति में इस वक्त हलचल है। विधान पर‍िषद चुनाव में मिली हार के बाद श‍िवसेना संकट में आ गई है। श‍िवसेना नेता और कैब‍िनेट मंत्री एकनाथ श‍िंंदे 12 से 13 विधायकों के साथ कल रात से ही शिवसेना का संपर्क नहीं हो पा रहा है। इस क्रम में आज सरकार को बचाने के लिए राज्य मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और शरद पवार ने विधायकों की आपात बैठक बुलाई।