इंदौर
  

मध्य प्रदेश में निकाय चुनाव हो रहे हैं. शहर की सरकार चुनने के लिए जनता वोट करने वाली है तो राजनीतिक दल भी वोटरों को अपने पाले में करने के लिए लुभावने वादे कर रहे हैं. सियासी पार्टियों के शीर्ष नेता भी अपने उम्मीदवारों के समर्थन में चुनावी रैलियां कर रहे हैं. मध्य प्रदेश में चुनावी रैलियों का मौसम है तो वहीं, निकाय चुनाव के बहाने सूबे में अपनी सियासी जमीन तैयार करने की कोशिशों में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी भी जुटे हैं.

असदुद्दीन ओवैसी की इस मुहिम को तगड़ा झटका लगा है. मध्य प्रदेश में असदुद्दी ओवैसी की चार दिन में दो रैलियां रद्द हो चुकी हैं. असदुद्दीन ओवैसी को 30 जून के दिन पंढारीनाथ इलाके में रैली को संबोधित करना था जो रद्द हो गई थी तो अब इंदौर की रैली भी रद्द करनी पड़ी. असदुद्दीन ओवैसी 3 जुलाई इंदौर में चुनावी जनसभा को संबोधित करने वाले थे जिसे ऐन मौके पर रद्द करना पड़ा. पिछले चार दिन में ओवैसी की दो रैलियां रद्द होने के बाद अब उनकी आगे की रैलियों को लेकर भी भ्रम की स्थिति बन गई है.

 पुलिस ने कहा है कि असदुद्दीन ओवैसी इंदौर के एक संवेदनशील इलाके में रैली करने वाले थे. इसे रद्द कर दिया गया. असदुद्दीन ओवैसी की इंदौर में होने वाली रैली रद्द किए जाने के पीछे हिंदू जागरण मंच की ओर से किया जा रहा लगातार विरोध वजह बताया जा रहा है. दक्षिणपंथी संगठन हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की रैली का विरोध कर रहे थे और काले झंडे दिखाने की तैयारी में थे.

हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं के विरोध को देखते हुए एआईएमआईएम के स्थानीय नेताओं ने ऐन मौके पर असदुद्दीन ओवैसी की इस रैली को रद्द करने का फैसला किया. रैली रद्द किए जाने के बाद एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने वीडियो संदेश जारी कर रैली रद्द होने पर खेद व्यक्त किया. उन्होंने वीडियो संदेश के जरिये ये वादा भी किया कि निकाय चुनाव के बाद वे अपने अगले दौरे के दौरान समर्थकों से जरूर मिलेंगे. हालांकि, न तो असदुद्दीन ओवैसी और न ही एआईएमआईएम के किसी स्थानीय नेता ने ही उनकी अगले कुछ दिनों में होने वाली रैलियों को लेकर कुछ कहा है.

अगले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत कई शहरों में असदुद्दीन ओवैसी की रैलियां होनी हैं. असदुद्दीन ओवैसी निकाय चुनाव में अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के पक्ष में जबलपुर, खंडवा और बुरहानपुर में भी चुनावी जनसभा करने वाले हैं. दक्षिणपंथी संगठन के विरोध के कारण ओवैसी की दो रैलियां रद्द हो चुकी हैं. ऐसे में अब ओवैसी की आगामी रैलियों को लेकर भी एआईएमआईएम समर्थकों में भ्रम की स्थिति बन गई है.