रायपुर
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंशा अनुरूप छत्तीसगढ़ में संचालित सुराजी गांव योजना के बाड़ी कार्यक्रम के तहत राज्य में अब तक उद्यानिकी विभाग की मदद से एक लाख व्यक्तिगत बाडियां और 3721 सामुदायिक बाडियां विकसित की गई है। सामुदायिक बाडियों का रकबा 1719 हेक्टेयर है, जहां महिला समूह विभिन्न प्रकार के साग-सब्जियों की खेती कर आय अर्जित कर रही हैं। सामुदायिक बाडियों के विकास के लिए उद्यानिकी विभाग के पास पृथक से कोई बजट प्रावधान नहीं है। सामुदायिक बाडियों का विकास विभिन्न विभाग की योजनाओं के कन्वर्जेंस के माध्यम से किया जाता है।

यह जानकारी उद्यानिकी विभाग के संचालनीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक में दी गई। बैठक की अध्यक्षता शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष राम कुमार पटेल ने की। अध्यक्ष पटेल ने विभाग द्वारा संचालित सभी केन्द्र प्रवर्तित एवं राज्यपोषित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शत-प्रतिशत लक्ष्य की पूर्ति के निर्देश दिए। संचालक उद्यान माथेश्वरन वी द्वारा विभाग में संचालित समस्त योजनाओं की वित्तीय प्रगति एवं घटकवार जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य पोषित योजनाओं का कुल बजट 20.49 करोड़ है, जिसमें मुख्य भाग पोषण बाड़ी योजना के लिए 10 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। अपर संचालक उद्यान भुपेन्द्र कुमार पाण्डेय ने कहा कि राज्य पोषित योजना के घटक सामुदायिक फेंसिंग की कृषकों द्वारा बहुत अधिक मांग की जा रही है।

बैठक में जानकारी दी गई कि धान के बदले अन्य फसल की पटवारियों द्वारा गिरदावली में उद्यानिकी फसल सम्मिलित न किये जाने के कारण उद्यानिकी फसलों का रकबा कम प्रदर्शित हो रहा है। अध्यक्ष पटेल ने धान के बदले अन्य फसल के प्रति किसानों के रूझान को देखते हुए इसको रबी फसलों हेतु प्रावधानित किए जाने का सुझाव दिया। अध्यक्ष पटेल ने विभाग के मैदानी अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्य प्रणाली पर कड़ी निगरानी रखने तथा लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर कार्यवाही के भी निर्देश दिए। बैठक में शाकम्भरी बोर्ड के सदस्य अनुराग पटेल, दुखवा पटेल, पवन पटेल, हरि पटेल, बोर्ड के सचिव एन.एस. लावत्रे, संयुक्त संचालक अभियांत्रिकी अवधिया, उप संचालक नीरज शाहा, मनोज कुमार अम्बष्ट, सहायक संचालक श्रीमती मीनू दास सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।