भोपाल

सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों ने अपनी योग्यता बढ़ाने वन स्टेप अप योजना बनाई गई है। इसमें यूजी में डेढ़ और पीजी में दो दर्जन शिक्षक दाखिला लेकर अपनी डिग्री पूरी करेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग ने 12वीं पास करीब 30 हजार शिक्षकों की सूची तैयार कर रखी है। 12वीं तक पढ़े शिक्षक स्नातक एवं स्नातक वाले शिक्षकों को स्नातकोत्तर करने का एक मौका दिया जा रहा है, जिसका पूरा खर्च शासन देगा। इसके तहत स्नातक में एक दर्जन शिक्षकों ने आवेदन किए हैं। जबकि पीजी में प्रवेश लेने के लिए एक दर्जन शिक्षकों ने आवेदन किया है। प्रदेश में करीब तीन हजार शिक्षक 12वीं उत्तीर्ण होकर विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं। यूजी में पांच और पीजी में सात शिक्षक प्रवेश ले चुके हैं। अब यूजी-पीजी में प्रवेश लेने के लिए शिक्षकों को कॉलेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) से प्रवेश मिलेगा। प्रवेशित शिक्षकों को अपनी कक्षाएं छोड़कर कॉलेजों में बैठकर डिग्री करने पर पूरा वेतन तक दिया जाएगा। मिडिल स्कूल में करीब 2 लाख और प्रायमरी स्कूल में करीब एक लाख शिक्षकों में से करीब 30 हजार शिक्षक 10वीं -12वीं पास हैं। इसका मुख्य कारण उस दौर में आठवीं कक्षा बोर्ड थी।  यहां से पास होने के बाद उम्मीदवारों को शिक्षक की नियुक्ति मिल जाती थी।

क्यों नहीं करना चाहते हैं डिग्री
तीस हजार शिक्षकों के लिए ही यह योजना शुरू की गई है। डिग्रियों को उम्र का बंधन से मुक्त कर दिया गया है। वहीं कई शिक्षक सेवनिवृत्ति के नजदीक पहुंच गए हैं। इसके कारण वे अब अपनी पढ़ाई को लेकर ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। वन स्टेप अप योजना के तहत प्रवेश के समय अभ्यर्थी की आयु 45 वर्ष से अधिक नहीं हो चाहिए। अनुसूचित जाति, जन जाति, पिछड़ा वर्ग व महिलाओं के लिए अधिकतम 47 वर्ष तय की गई थी। उनकी आयु 1 जुलाई 2015 को 45 वर्ष से अधिक व उनकी सेवाकाल की अवधि 15 वर्ष से अधिक नहीं होना चाहिए।  

17 को नीट, 18.72 लाख विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र जारी
प्रदेश समेत देशभर के मेडिकल, डेंटल, आयुष कॉलेजों के सत्र 2022-23 यूजी में प्रवेश देने नेशनल एलिजिबिलिटी कम इंट्रेंस टेस्ट (नीट) 17 जुलाई को होंगे। इसमें देश भर के 18 लाख 72 हजार 341 विद्यार्थी शामिल होंगे। आज आॅनलाइन एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं।  एनटीए की आॅफिशियल साइट पर आज सुबह साढेÞ 11 बजे के बाद विद्यार्थियों ने एडमिट कार्ड डाउनलोड करना शुरू कर दिया। आयुष मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. राकेश पाण्डेय का कहना है कि नीट एग्जाम के लिए प्रदेश समेत देशभर के 497 शहरों एग्जाम सेंटर बनाए गए हैं। देश के बाहर 14 शहरों के केंद्रों पर 13 भाषाओं में एक साथ-एक ही दिन यह एग्जाम होगी। डॉ. पाण्डेय ने बताया कि परीक्षा के माध्यम से देशभर में 500 से ज्यादा मेडिकल कॉलेजों की 90 हजार 825 सीटें, 313 से ज्यादा डेंटल कॉलेजों की 27 हजार 948 सीटें तथा आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी आयुष के 700 से ज्यादा कॉलेजों की 52 हजार 720 सीटों में प्रवेश दिए जाएंगे।