रायपुर
मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष तथा वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने एक बयान में भाजपा की प्रवक्ता नूपुर शर्मा को देश की गंगा-जमनी संस्कृति की विरोधी दशार्ते हुए कहा है कि उनके जैसे उत्तेजक एवं अमर्यादित भाषा एवं अधर्मी कथन करने वाले अन्य व्यक्तियों के लिए तथा देश की एकता एवं अखण्डता को नष्ट करने का प्रयास करने वालों के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा सख्त निर्देश देने का समय आ गया है क्योंकि ऐसे विषयों पर भारत निर्वाचन आयोग भी चुप्पी साधे हुए है। विभिन्न राजनैतिक दलों एवं संगठनों को चाहिए कि अपने प्रवक्ताओं को उत्तेजक विषयों पर जहर न उगलने तथा मर्यादित भाषा का प्रयोग करने की सख्त हिदायत दें।

रिजवी ने कहा है कि नूपुर शर्मा जैसे प्रवक्ताओं के लिए देश में कोई जगह नहीं होना चाहिए तथा मीडिया को भी बचना चाहिए कि नूपुर शर्मा के अमर्यादित व अधर्मी वाणी को चैनलों एवं समाचार पत्रों में प्रमुखता से दिखाना या प्रकाशित किया जावे। उदयपुर में कन्हैयालाल की निर्मम हत्या को घटित होने से बचाया जा सकता था। इस प्रकरण में कुछ चैनलों ने आग में घी का काम किया है। कुछ ऐंकरों द्वारा बाद की घटना को कारित होने में बड़ा योगदान दिया है। कन्हैयालाल के कैसेट को बार-बार चैनलों में दिखाकर असामाजिक तत्वों को उकसाया गया तथा देश की स्थापित आपसी भाईचारे को खण्डित करने में कुछ चैनलों के कुछ ऐंकरों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है जो अपराध की श्रेणी में आता है। रिजवी ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि इस निंदनीय हत्याकांड को तूल देने के लिए जिम्मेदार चैनलों एवं ऐंकरों के विरूद्ध स्वस्फूर्त संज्ञान लेने तथा देश के अमनचैन में खलल पहुंचाने के लिए जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर कड़ी कार्यवाही करने पुलिस को निर्देशित करें।