ग्वालियर

बिजली कंपनी ने बिल जनरेशन को लेकर कुछ परिवर्तन किए हैं। अब हर दिन होने वाली मीटर रीडिंग के आधार पर ही बिल जनरेट होंगे और उसके कारण अब बिल जमा करने के लिए पहले की तरह 15 दिन का समय नहीं मिलेगा। अब जिस दिन मीटर रीडिंग होकर बिल जनरेट होगा, उसके अगले 11 दिन में ही उपभोक्ताओं को अपने बिजली बिल जमा करने होंगे। इसके लिए सॉफ्टवेयर में संशोधन किए गए हैं।

उप महाप्रबंधक राहुल साहू ने बताया कि नई व्यवस्था जुलाई से ही लागू कर दी गई है। पहले किसी भी फीडर के सभी उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग पूरी होने के बाद ही एनजीवी सॉफ्टवेयर बिल जनरेट करता था। उदाहरण के लिए यदि किसी फीडर के क्षेत्र में 3 हजार विद्युत उपभोक्ता हैं तो ऐसे में जब तक उन सभी 3 हजार उपभोक्ताओं के घरों पर हमारे मीटर रीडिंग आॅन स्पॉट रीडिंग लेकर बिल जनरेट नहीं कर देते, तब तक एनजीवी सॉफ्टवेयर उन बिलों की प्रोसेस शुरू नहीं करता था, जिसके कारण बिजली बिल जमा करने की अंतिम तारीख में 15 दिन का अंतराल रहता था। अमूमन महीने की 5 तारीख को उपभोक्ताओं के घरों पर स्पॉट बिलिंग होती थी और 20 तारीख तक बिल जमा करने की अंतिम तारीख तय होती थी। अब इस व्यवस्था में परिवर्तन किया है। अब हर दिन ही मीटर रीडर आॅन स्पॉट बिलिंग करके बिल जनरेट करेंगे और उसके आधे घंटे के अंदर हमारा एनजीवी सॉफ्टवेयर जनरेट हुए बिल की प्रोसेस पूरी करके बिल जमा करने की अंतिम तारीख तय कर देगा। यदि आज आपके घर की मीटर रीडिंग होकर बिल मिलेगा तो अगले 11 दिन में बिजली बिल जमा करना होगा।