नई दिल्ली
 डायबीटीज रोगियों (Diabetic Patients) के लिए अच्छी खबर है। इस बीमारी में कारगर समझी जाने वाली दवाई जानुविया (सीटाग्लिप्टिन) का सस्ता रूप बाजार में आने वाला है। इसी महीने सीटाग्लिप्टिन (Sitagliptin) का पेटेंट खत्म हो गया है। कई भारतीय दवा कंपनियां अब इसे लॉन्च करने की योजना बना रही हैं। जिससे इसके दाम मौजूदा कीमतों की तुलना में एक-तिहाई ही रह जाने की उम्मीद है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि डायबीटीज की दवा (Medicine for Diabetes) के जेनरिक संस्करण आने से इस बीमारी पर खर्च होने वाली लागत एक तिहाई तक कम हो जाएगी। पहले डायबीटीज से पीड़ित मरीजों को इस दवाई के लिए रोजाना 45 रुपये खर्च करने पड़ते थे। अब नए जेनरिक वर्जन (Generic Version) के आने के बाद इसका खर्च महज 8 से 18 रुपये रह जाएगा।

भारत में डायबीटीज के 7.5 करोड़ मरीज

जानकारों का कहना है कि डायबीटीज से पीड़ित मरीजों की बड़ी तादात भारत में है। भारत में करीब साढ़े सात करोड़ मरीज इस बीमारी से पीड़ित हैं। इनमें से एक बड़ी संख्या है, जो महंगी दवाइयों की वजह से इस बीमारी का इलाज नहीं करा पाते हैं। अब ऐसे मरीजों को भी फायदा मिलेगा।

अगले हफ्ते से बाजार में आएगा जेनरिक वर्जन

अमेरिकी फर्म मर्क की जानुविया के जेनेरिक संस्करणों के अगले कुछ महीनों में लॉन्च होने की तैयारी है। भारत में कई कंपनियां दवाइयों के कारोबार में हैं। इनमें से डॉ. रेड्डीज, ग्लेनमार्क, सन फार्मा, जेबी केमिकल्स इस दवाई के जेनरिक वर्जन के साथ अगले हफ्ते मार्केट में आने वाली है। इसके साथ ही सिप्ला, टॉरेंट, जाइडस कैडिला, ल्यूपिन जैसा 50 से 100 फर्म भी रणनीति पर काम कर रहे हैं।
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डॉ. रेड्डीज लॉन्च करेगी स्टिग

डॉ. रेड्डीज के प्रवक्ता का कहना है कि हम स्टिग ब्रांड नाम से सीटाग्लिप्टिन लॉन्च करने वाले हैं। स्टिग डायबिटीज के मरीजों के लिए उपलब्ध सबसे किफायती दवाओं में से एक होगी। वहीं, ग्लेनमार्क ने एक बयान में कहा कि कंपनी की दवा सस्ती होगी।