लंदन
 नोवाक जोकोविच ने पुरुषों के फाइनल में निक किर्गियोस को 4-6, 6-3, 6-4, 7-6 (3) से हराकर अपना सातवां विंबलडन खिताब जीत लिया। चौथे सेट के टाईब्रेकर में जोकोविच ने 6-1 की बढ़त बना ली और किर्गियोस के बैकहैंड के जाल में फंसाकर अपना तीसरा मैच प्वाइंट बदल दिया। यह जोकोविच का कुल मिलाकर 21 वां ग्रैंड स्लैम खिताब है। उनसे आगे राफेल नडाल है जो 22 ग्रैंड स्लैम जीत चुके हैं। अब जैकोविच की नजरें अगले साल रोजर फेडरर के रिकॉर्ड पर रहेगी जो यहां 9 बार चैम्पियन बन चुके हैं। किर्गियोस अपना पहला ग्रैंड स्लैम फाइनल खेल रहे थे लेकिन उन्हें जीत नसीब नहीं हुई।

    

इस जीत के बाद जोकोविच ने कहा- हर बार यह पहले से अधिक खास होता है। मेरे लिए यह खिताब हमेशा सबसे विशेष होगा। यह मेरा सबसे विशेष टूर्नामेंट है। इस टूर्नामेंट ने ही मुझे सर्बिया में इस खेल से जुड़ने के लिए प्रेरित किया था। ऑस्ट्रेलिया के किर्गियोस अपना पहला ग्रैंड स्लैम फाइनल खेल रहे थे। सेमीफाइनल में चोट के कारण नडाल ने उन्हें वॉकओवर दे दिया था। उन्होंने फाइनल में शानदार शुरुआत की और शुरुआती सेट जीत कर अपनी उम्मीदें कायम की।

रैंकिंग में 40वें स्थान पर काबिज किर्गियोस 2001 में गोरान इवानिसेविच के बाद पहले गैर वरीय चैम्पियन खिलाड़ी बनने की कोशिश रहे थे लेकिन जोकोविच के अनुभव का उनके पास कोई जवाब नहीं था। खास बात यह है कि इवानिसेविच अब जोकोविच के कोच है और वह इस मैच के दौरान सेंटर कोर्ट में बतौर अतिथि मौजूद थे।

मैच का रूख दूसरे सेट में उस समय बदला जब जोकोविच 5-3 से आगे थे और उनकी सर्विस पर किर्गियोस लव (शून्य) -40 से आगे चल रहे थे। जोकोविच ने इसके बाद 3 बार ब्रेक प्वाइंट कर सेट को अपने नाम किया और फिर किर्गियोस के लिए वापसी करना मुश्किल हो गया। विंबलडन के इस सत्र से पहले किर्गियोस ने 29 ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों में कभी क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़े थे। किर्गियोस ने मैच के बाद कहा- वह भगवान की तरह है, मैं गलत नहीं बोल रहा हूं। मुझे लगता है कि मैंने अच्छा खेला।