नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य करने के बावजूद हर तीन में से एक पुलिस थाने में एक भी कैमरा (CCTV In Police Station) नहीं लगा है। एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट में देश में पुलिस कार्यबल का भी आकलन किया गया है। वर्ष 2010 और 2020 के बीच बल में 32 प्रतिशत कर्मी बढ़े, जिसमें महिलाओं की हिस्सेदारी केवल 10.5 प्रतिशत है जबकि देश के 41 प्रतिशत पुलिस थाने ऐसे हैं, जहां एक भी महिला पुलिसकर्मी तैनात नहीं है।

 रिपोर्ट, पुलिस: इम्प्रूवमेंट, शॉर्टफॉल एंड नेशनल ट्रेंड्स-एन एनालिसिस ऑफ डाटा ऑन पुलिस ऑर्गेनाइजेशन 2021 के अनुसार, देश के कुल 17,233 पुलिस थानों में से 5,396 में एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है और केवल ओडिशा, तेलंगाना तथा पुडुचेरी में ही उनके सभी पुलिस थानों में कम से कम एक कैमरा लगा है।

रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान के 894 पुलिस थानों में से केवल एक में सीसीटीवी कैमरे लगा है, जबकि मणिपुर, लद्दाख और लक्षद्वीप में किसी भी थाने में सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। उन्होंने कहा, 2021 की रिपोर्ट में, पुलिस संगठन के आंकडों से पता चलता है कि 17,233 पुलिस थानों में से तीन में से एक में भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। केवल तीन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों (ओडिशा, तेलंगाना और पुडुचेरी) में सभी पुलिस थानों में कम से कम एक सीसीटीवी लगा है। चार राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों (राजस्थान, मणिपुर, लद्दाख, लक्षद्वीप) में एक प्रतिशत से भी कम पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, देश में महिला पुलिसकर्मियों की हिस्सेदारी केवल 10.5 प्रतिशत है। इसे 33 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। राष्ट्रीय स्तर पर, देश में महिला कर्मियों की हिस्सेदारी 3.3 प्रतिशत से बढ़ाकर 10.5 प्रतिशत करने में 2006 से 2020 तक 15 साल लग गए और 2020 तक, कोई भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश अपने लिए निर्धारित लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाया था।