भोपाल

राज्य निर्वाचन आयोग ने कहा है कि नगरीय निकाय चुनाव में स्टार प्रचारक की कोई व्यवस्था नहीं है। यानि कैंडिडेट किसी भी बड़ी हस्ती या नेता से प्रचार कराएगा, तो इसका खर्च उसे स्वयं ही उठाना होगा। वहीं, शहर के बाहर से कोई व्यक्ति प्रचार करने आता है, तो सिर्फ उसके यात्रा खर्च को कैंडिडेट के खर्च में शामिल नहीं किया जाएगा। इसके अलावा प्रचार में आने वाले बाकी खर्च को कैंडिडेट की खर्च सूची में शामिल किया जाएगा।

राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राकेश सिंह ने इस संबंध सोमवार को आदेश जारी किए हैं। आदेश के मुताबिक महापौर और पार्षद कैंडिडेट्स के मामले में वार्ड की सीमा तय की गई है। एक ही मंच से अगर महापौर और पार्षद प्रत्याशी सभा करते हैं, तो इसमें होने वाले खर्च काे दोनों में बराबर-बराबर बांटा जाएगा। वहीं, एक से अधिक पार्षदों की सभा के मामले में पार्षदों के बीच खर्च बराबर-बराबर बांटा जाएगा।