भोपाल

पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में तीन दिवसीय मर्म चिकित्सा एवं पंचकर्म पर राष्ट्रीय कार्यशाला 28 जून से प्रारंभ हो रही है। इसमें सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, लंबर स्पॉन्डिलाइटिस एवं अर्थराइटिस के रोगियों की चिकित्सा की जायेगी। ग्वालियर के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. रिछारिया इन विषयों पर जानकारी देंगे और इन विधाओं में इलाज का प्रेक्टिकल रूप से प्रदर्शन करेंगे।

मर्म चिकित्सा में रोगियों को शरीर के विशेष पॉइंट पर प्रेशर दिया जाता है, जिससे रोगियों को बीमारी से लाभ मिलता है। यह चिकित्सा विधा करीब 5 हजार वर्ष पुरानी है। राष्ट्रीय कार्यशाला में पंचकर्म चिकित्सा पर भी जानकारी दी जायेगी। कार्यशाला में उद्घाटन सत्र 28 जून को सुबह 11 बजे होगा। कार्यशाला में सरकारी संस्थानों एवं प्रायवेट सेक्टर के डॉक्टर शामिल हो रहे हैं।

जरा चिकित्सा एवं वृद्धजनों के स्वास्थ्य की देखभाल विषय पर सेमीनार

शासकीय हकीम सैयद जियाउल हसन यूनानी महाविद्यालय भोपाल में सोमवार को जरा चिकित्सा एवं वृद्धजनों के स्वास्थ्य की देखभाल विषय पर सेमीनार हुआ। सीएमएचओ भोपाल डॉ. प्रभाकर तिवारी ने कहा कि वृद्धजनों की स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का मुकाबला एलोपैथी एवं आयुष चिकित्सा पद्धतियों से बेहतर तरीके से किया जा सकता है। प्रो. इफ़्तेखार अहमद ने यूनानी चिकित्सा पद्धति की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने असबाबे सित्ता ज़रूरिया के 6 आवश्यक फैक्टर्स के बारे में बताया। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. महमूदा बेगम ने सेमीनार में देशभर से आये प्रतिभागियों से कहा कि यूनानी चिकित्सा पद्धति प्राचीन पद्धति है। इसके सही उपयोग से बीमारियों को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने वृद्धजनों के इलाज में यूनानी चिकित्सा पद्धतियों के बारे में भी जानकारी दी।