भोपाल
 शराबबंदी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की अपनी ही पार्टी की सरकार से नाराजगी बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि दो अक्टूबर को शराबबंदी की मांग को लेकर प्रदेश भर से महिलाएं भोपाल पहुंचेंगी।

बुधवार को राम राजा सरकार के दर्शन करने ओरछा पहुंचीं उमा ने बंद कराई गई शराब दुकान फिर से खुलने पर दुख जताया। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि ओरछा के माथे का कलंक शराब की वह दुकान फिर से खुल गई है, जिसे मेरे विरोध के बाद बंद किया गया था।

ज्ञात हो कि पिछले माह ओरछा पहुंचीं उमा ने राम राजा दरबार के रास्ते में मौजूद इस दुकान में गोबर फेंककर विरोध दर्ज कराया था। इसके बाद कुछ दिन दुकान बंद रहकर फिर खोल दी गई।

मेरा तो मध्यप्रदेश में शराब की दुकान व अहातों के सामने अकेले खड़े हो जाने का अभियान 2 अक्टूबर तक जारी रहेगा। यह अब शिवराजजी के हाथ में है कि वह 2 अक्टूबर का महिलाओं का भोपाल में एकत्रीकरण सरकार के लिए धन्यवाद व आशीर्वाद के आयोजन में बदल जाए।

उमा भारती ने बुधवार 11 ट्वीट किए। इसमें उन्होंने बताया कि वे कल रात ओरछा गई थीं। यहां उन्हें वहीं दुकान फिर खुली मिली, जिसका विरोध किया था। उमा ने इस दुकान को ओरछा के माथे का कलंक बताया। लिखा- मैं जब कल रात को ओरछा पहुंची। ओरछा के माथे पर लगा हुआ कलंक विरोध के बाद कुछ दिन बंद रहकर फिर खुल गई। लोगों में भारी आक्रोश है। बता दें कि उमा भारती ने 15 जून को ओरछा में शराब की दुकान पर गोबर फेंका था।

शराबबंदी के लिए ने तीर्थ दर्शन योजना का उदाहरण दिया
उमा ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा को पत्र लिखे जाने का जिक्र किया। उन्होंने लिखा- मैंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी को पत्र लिखा है कि वह भाजपा शासित सभी राज्यों के लिए समान शराब नीति लागू करने का विचार करें। शिवराजजी ने 2018 के पहले के कार्यकाल में कुछ ऐसी योजनाएं बनाई थी। जिसका अनुसरण भाजपा शासित राज्यों व विपक्ष के शासित राज्यों ने भी किया था। इसके लिए उमा भारती ने तीर्थ दर्शन योजना का उदाहरण भी दिया। इसलिए शिवराजजी अपनी नई शराब नीति को वापस लेकर एक आदर्श जन हितैषी संशोधित शराब नीति प्रस्तुत कर सकते हैं। हो सकता है कि मध्य प्रदेश ही एक आदर्श शराब नीति के लिए मॉडल राज्य बन जाए।