भोपाल
प्रदेश के कई नगर निगमों में कांग्रेस प्रत्याशियों की स्थिति मजबूत होने का फीडबैक सामने आने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जहां निकायों के दौरे बढ़ा दिए हैं वहीं संगठन स्तर पर भी पार्टी नेताओं, जनप्रतिनिधियों को एक्टिव होने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। गुरुवार को सीएम शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने पार्टी के विधायकों और सांसदों से साफ तौर पर कहा कि इन चुनावों को हल्के में न लें और ये न समझें कि यह पार्षद या महापौर का चुनाव है। इन चुनावों में होने वाली जीत हार आपका भविष्य भी तय करेगी। इसलिए घर-घर जनसंपर्क करने जाएं और पार्टी कैंडिडेट के लिए काम करें।

प्रदेश संगठन द्वारा विधायकों और सांसदों से यह संवाद वर्चुअल बैठक के जरिये किया गया। सीएम चौहान ने कहा कि चुनाव में जब पार्टी का कैंडिडेट जीतेगा तो वार्ड और शहर में होने वाले आयोजनों में विधायकों और सांसदों की पूछपरख रहेगी। इसलिए सभी घरों से निकलें और इसका-उसका कैंडिडेट की भावना से दूर रहकर पार्टी हित के लिए काम करें। आपकी सक्रियता से कार्यकर्ताओं में भी जोश आएगा। केंद्र व राज्य सरकार के काम विधायक सांसद जनता को बताएं और उनकी जो शिकायतें हैं, उन्हें सुनकर निराकरण करें। इस वर्चुअल बैठक में कल होने वाले पौधरोपण कार्यक्रम में विधायकों-सांसदों की भी भागीदारी के लिए कहा गया।

प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए यह चुनाव आपकी राजनीतिक ताकत का भी अहसास कराएंगे। आज आप जिन पार्षद या महापौर प्रत्याशियों के लिए चुनाव मैदान में खड़े होंगे, अगले साल होने वाले चुनाव में यही कैंडिडेट आपकी ताकत बनेंगे। इसलिए सक्रिय रहकर पार्टी के कार्यक्रमों को क्रियान्वित करने में अपनी भागीदारी निभाएं। गौरतलब है कि इसके पहले बुधवार को सीएम शिवराज, प्रदेश अध्यक्ष शर्मा समेत चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक भगवान दास सबनानी ने प्रदेश के जिला अध्यक्षों और पदाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर पूरी ताकत से चुनाव प्रचार में जुटने को कहा था।

नगर विजय संकल्प अभियान चला रही पार्टी
भाजपा ने बूथ स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं के कामकाज में कसावट लाने के लिए नगर विजय संकल्प अभियान चलाने का निर्णय भी लिया है। संगठन के निर्देश पर जिलों में हर नगरीय निकाय क्षेत्र में यह संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। इसमें संगठन के नेताओं को बूथ के त्रिदेव का सहयोग करने के लिए कहा गया है। ये प्रचार सामग्री और योजनाओं से संबंधित पंपलेट्स वोटर्स तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। चुनाव प्रबंधन समितियों से इसकी मानीटरिंग कराकर रिपोर्ट मांगी जा रही है। कई जिलों में मंडलों की गतिविधियों में कसावट नहीं मिलने पर संगठन ने ऐसे पदाधिकारियों को फील्ड में पहुंचने के लिए कहा है।