नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में सभी की निगाहों जिन दो केंद्रीय मंत्रियों पर होंगी वे हैं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और इस्पात मंत्री आरसीपी सिंह। इन दोनों सांसदों का कार्यकाल कल यानी 7 जुलाई को खत्म हो रहा है। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि क्या दोनों की यह आखिरी कैबिनेट बैठक होगी? अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और इस्पात मंत्री आरसीपी सिंह दोनों का राज्यसभा का कार्यकाल सात जुलाई को खत्म हो रहा है, लेकिन उनकी पार्टियों ने उन्हें दोबारा उच्च सदन में नहीं भेजा है। 7 जुलाई को कार्यकाल समाप्त होने के बाद छह महीने में सांसद के रूप में निर्वाचित नहीं होने पर दोनों मंत्री अपनी कैबिनेट सीटें खो देंगे। भाजपा ने मुख्तार अब्बास नकवी को फिर से उम्मीदवार नहीं बनाया है और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विश्वासपात्र और पार्टी में नंबर 2 रहे आरसीपी सिंह को जनता दल-यूनाइटेड ने राज्यसभा नहीं भेजा।

दोनों मंत्रियों के भाग्य को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। नकवी को कई लोग सत्ताधारी पार्टी की तरफ से उपराष्ट्रपति उम्मीदवार या कम से कम किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के राज्यपाल/लेफ्टिनेंट गवर्नर के रूप में देख रहे हैं। वहीं, आरसीपी सिंह के जल्द ही औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल होने की अफवाह है।

भाजपा ने कल स्पष्ट किया कि आरसीपी सिंह अब तक उनकी पार्टी में शामिल नहीं हुए हैं।भाजपा नेताओं द्वारा तेलंगाना में उनका स्वागत करने की एक तस्वीर सामने आने के बाद अटकलें लगाई जा रही थीं। राष्ट्रपति के नामांकन के बाद भरी जाने वाली राज्यसभा की सात सीटें अभी भी खाली हैं। यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि दोनों सांसद मंत्री बने रहेंगे या राष्ट्रपति की सिफारिश पर राज्यसभा भेजे जाएंगे। आपको बता दें कि उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन शुरू हो चुके हैं और सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन जल्द ही अपने उम्मीदवार की घोषणा कर सकता है।