लखनऊ।
छह दिन की देरी से लखनऊ में दाखिल हुए मानसून में जोरदार एंट्री ली। गुरुवार तड़के करीब तीन बजे शुरू हुई रिमझिम फुहारें गुरुवार पूरे दिन बरसती रहीं। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की लखनऊ में एंट्री हो गई है। गुरुवार बीते तीन वर्षों में जून में एक दिन के अंदर सर्वाधिक बारिश दर्ज की गई। बारिश के चलते तापमान में काफी गिरावट आई और यह 26 डिग्री तक आ गया। शहर में मानसून की पहली ही बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। शहरी इलाकों में पांच से दस घंटे तो ग्रामीण क्षेत्रों को 15 घंटे तक बिजली के लिए तरसना पड़ा।

शहर में खुदी सड़कें रिमझिम बारिश के बाद खतरनाक हो गई, जिन पर फिसलकर कई लोग घायल हो गए। कुछ इलाकों में जलभराव की भी सूचना रही। वहीं बारिश की बूंदों के लिए तरस रहे किसानों के चेहरे खिल गए हैं। मानसून इस बार लखनऊ में सबसे लेटलतीफ पहुंचा। दस वर्षों में मानसून की यह सबसे देर में इंट्री रही। पिछले साल 18 जून को ही मानसून आ गया था। 2018 एवं 2019 में 27 जून को पहुंचा था।

नहीं पहुंचे यात्री कई बसें निरस्त
बारिश से आलमबाग बस टर्मिनल पर यात्रियों के नहीं पहुंचने से सुबह की बस सेवाएं प्रभावित रहीं। यात्री न मिलने से वाराणसी और प्रयागराज की एसी बस रद्द करनी पड़ी। गुरुवार सुबह 12 बजे तक 45 बसें ही रवाना हुईं।