उमरिया
सभागार में प्रधान जिला न्यायाधीष श्री सनत कुमार कष्यप के मार्गदर्षन में मध्यस्थता जागरूकता शिविर कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय उमरिया श्री सुरेश कुमार चौबे ने मध्यस्थता को वैकल्पिक विवाद समाधान की प्रभावी तकनीक के रूप में लोगो को अधिक से अधिक जागरूक किए जाने पर जोर दिया।उन्होने कहा कि पौराणिक काल से मध्यस्थता के माध्यम से प्रकरणों के आपसी समझौते के आधार पर निरकारण की कहानियां हम सुनते आए हैं। सिविल प्रक्रिया संहिता अंतर्गत अब मध्यस्थता को वैधानिक रूप प्रदान किया गया है। सीमित संसाधनों में मध्यस्थता से अधिकाधिक लाभ लिया जा सकता है। मध्यस्थता से किसी सिविल प्रकरण के निराकरण से कोई फीस पूरी की पूरी वापस होती है, साथ ही सुलभ सस्ता एवं शीघ्र न्याय प्राप्त होता है।

जरूरत है लोग जागरूक हों और इस मध्यस्थता प्रक्रिया का लाभ उठाऐं।मध्यस्थता से होने वाले लाभों से विशेष न्यायाधीष श्री विवेक कुमार रघुवंषी ने भी उपस्थित लोगों को अवगत कराया। प्रशिक्षित मध्यस्थ अधिवक्ता श्री यष कुमार सोनी ने संतरे का उदाहरण देकर विवाद के समाधान की युक्ति बताई तथा प्रषिक्षित मध्यस्थ अधिवक्ता श्री दिनकर तिवारी ने मध्यस्थता से सस्ता, सुलभ एवं शीघ्र न्याय कैसे प्राप्त कर इस विषय पर चर्चा की। संगीता पटेल सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उमरिया ने  13 अगस्त 2022 को होने वाली नेषनल लोक अदालत में अपने प्रकरणों का निराकृत करने हेतु उपस्थित लोगों को आवश्यक जानकारी दी तथा कार्यक्रम में उपस्थित होने के लिए प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया।