नई दिल्ली इंदौर
 
दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में सभी तेल-तिलहनों की कीमतें नुकसान दर्शाती बंद हुईं। वहीं, इंदौर, के संयोगितागंज अनाज मंडी में मंगलवार को उड़द के भाव में 300 रुपये प्रति क्विंटल की कमी हुई। बाजार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में लगभग छह प्रतिशत तथा शिकॉगो एक्सचेंज में लगभग 5.5 प्रतिशत की गिरावट हुई। विदेशी बाजारों में इस जोरदार गिरावट के कारण सरसों, मूंगफली, सोयाबीन तेल-तिलहन, सीपीओ, पामोलीन, बिनौला तेल सहित लगभग सभी तेल-तिलहनों में गिरावट देखने को मिली।

 सूत्रों ने कहा कि लगभग महीने भर पहले सीपीओ का भाव 2,050 डॉलर प्रति टन था जो विदेशों में बाजार टूटने के बाद अब 40-45 प्रतिशत घटकर 1,160 डॉलर प्रति टन रह गया है। इस बात को देखने की जरूरत है कि खुदरा बाजार में उपभोक्ताओं को अभी यही तेल किस भाव पर बेचा जा रहा है।

आयातक बहुत ही बुरी हालत में हैं और बंदरगाहों पर उनके लाखों टन खाद्य तेल की खेप पड़ी है जिसे वे बहुत कम भाव पर छोटे-छोटे खेपों में खपाने को मजबूर हैं। दूसरी ओर डॉलर के मजबूत होने और रुपये की ऐतिहासिक गिरावट ने उनकी परेशानी को और बढ़ा दिया है। इन आयातकों द्वारा बैंक से लिया गया कर्ज डूबने की आशंका है।''  सूत्रों ने कहा कि खाद्य तेलों के मामले में अनिश्चितता को केवल तेल-तिलहन उत्पादन बढ़ाकर ही दूर किया जा सकता है।