कोलकाता
 
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर अग्निपथ योजना पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अग्निवीरों को भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता बताया है। साथ ही उन्हें नौकरी में प्राथमिकता देने से इनकार किया है। उन्होंने केंद्र की तरफ से मिले एक पत्र के जवाब में यह प्रतिक्रिया दी है। इससे पहले भी सीएम बनर्जी भाजपा पर अग्निपथ योजना के जरिए सशस्त्र कैडर तैयार करने के आरोप लगा चुकी हैं।
मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान सीएम बनर्जी ने कहा, 'मुझे एक पत्र मिला है (केंद्र की तरफ से) जिसमें उन्होंने राज्य सरकार से अग्निवीरों को 4 साल के बाद नौकरी देने की अपील की है। वे चाहते हैं कि मैं भाजपा कार्यकर्ताओं को नौकरी दूं… हमें ऐसा क्यों करना चाहिए?… पहली प्राथमिकता प्रदेश के युवाओं को दी जाएगी।'
 

अग्निपथ योजना को बताया था कचरे का डिब्बा
पहले भी सीएम बनर्जी ने अग्निपथ योजना को लेकर भाजपा पर निशाना साधा था। केंद्र के पत्र को लेकर उन्होंने कहा था, 'सशस्त्र बलों के एक कर्नल ने हाल ही में मुझे इस अनुरोध के साथ पत्र भेजा था। लेकिन हम भाजपा के कचरे के डिब्बे को साफ क्यों करें? जब केंद्र उन्हें चार साल के बाद छोड़ देगा, तो राज्य उन्हें पूरे कार्यकाल की नौकरी देने की जिम्मेदारी क्यों उठाए? केंद्र उन्हें 60 वर्ष का पूरा होने तक सैनिक के तौर पर पूरा कार्यकाल देने की जिम्मेदारी क्यों नहीं उठाता?'
 
अग्निपथ योजना को लॉलीपॉप भी कहा
समाचार  के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख बनर्जी ने अग्निपथ योजना को वोट बटोरने तथा ठग और कैडर बनाने के लिए भाजपा का 'लॉलीपॉप' करार दिया। बनर्जी ने विधानसभा में अपने संबोधन में कहा, 'अग्निपथ वास्तव में एक भाजपा कैडर गठन परियोजना है। यह अलग बात है कि केंद्र युवाओं को स्थायी नौकरी देता है, लेकिन अग्निपथ वास्तव में चार साल का लॉलीपॉप है। चार साल बाद उनके पास बंदूक चलाने की मंजूरी होगी और उसके बाद वे क्या करेंगे? यदि ऐसा है तो भाजपा युवाओं को ठग रही है!' उन्होंने कहा, 'ये 'अग्निवीर' नाम उन लोगों को दिया जा रहा है जिन्हें योजना के तहत भर्ती किया जाएगा और वे भाजपा के लिए वोट लूटेंगे।' सरकार ने सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए अग्निपथ योजना का ऐलान किया था। इसके तहत सेना में भर्ती होने वालों को अग्निवीर कहा जाएगा।