सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार 80% से अधिक लोगों को 34 वर्ष की आयु तक कम से कम एक बार मुंह में सड़न का सामना करना पड़ता है। यह आपके ओरल हेल्थ को प्रभावित करने वाली कुछ सबसे आम बीमारियों में से एक है। इसके अलावा, मसूड़े में सड़न- गलन और मुंह का कैंसर भी शामिल हैं।

ओरल हेल्थ क्या है? और यह कितनी जरूरी है? अगर आपने पहले कभी इन सवालों के जवाब नहीं खोजे तो हम बता देते हैं। ओरल हेल्थ का मतलब दांतों, मसूड़ों और पूरे चेहरे की प्रणाली के स्वास्थ्य से है जो जिसकी मदद से आप मुस्कुराने, बोलने और चबाने जैसे गतिविधियां कर पाते हैं। ऐसे में इसका निरोग रहना आपके लिए यह बहुत जरूरी होता है।

हम सभी को बचपन में दिन में दो बार अपने दाँत ब्रश करना सिखाया जाता है। लेकिन केवल ब्रश करने से आपके दांत सुरक्षित नहीं रहेंगे। फ्लॉसिंग और माउथवॉश भी जरूरी हैं। यह न केवल आपकी सांसों को तरोताजा करता है बल्कि आपके दांतों को सड़ने से भी बचाता है। बाजार में विभिन्न प्रकार के माउथवॉश उपलब्ध हैं, लेकिन आप प्राकृतिक उत्पादों का उपयोग करके इन्हें अपने घर पर भी बना सकते हैं।

​ऐलोवेरा जूस- मसूड़ों में ब्लीडिंग की समस्या मे फायदेमंद
बाल, त्वचा और पाचन में ऐलोवेरा के फायदे तो आमतौर पर सभी को पता होते हैं। लेकिन ओरल हेल्थ में इसके फायदों के बारे में कम ही लोग जानते हैं। यह मसूड़ों से ब्लीडिंग और प्लाक को कम करने में मदद करता है। एक शोध के अनुसार ऐलोवेरा जूस का उपयोग माउथ वॉस के लिए भी किया जा सकता है।

सामाग्री
    1/2 कप एलोवेरा जूस
    1/2 कप साफ पानी

कैसे इस्तेमाल करें
एलोवेरा के रस को पानी में मिला दें। और हर रोज ब्रश करने के बाद इस घोल से कुल्ला करें।

​नारियल तेल- मसूड़ों के सूजन से राहत
नारियल तेल कई औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। शरीर के कई तरह के रोगों से निवारण समेत ओरल हेल्थ में सुधार का काम भी करते हैं। इसका उपयोग ऑयल पुलिंग के लिए किया जाता है। इसमें उपस्थित लॉरिक एसिड एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-माइक्रोबियल होता है। जो मुंह में प्लाक और इससे होने वाली बीमारियों को रोकने का काम करता है।

सामग्री
    1चम्मच वर्जिन या अनरिफाइंड नारियल तेल

कैसे इस्तेमाल करें
नारियल के तेल को मुंह में रखकर घुमाएं। 10-15 मिनट तक ऐसा करें फिर इस थूक कर पानी से कुल्ला करें।

​नमक-दांतों की कमजोरी दूर करता है
नमक में फ्लोराइड कंपाउंड पाया जाता है। इसमें कैरोस्टेटिक प्रभाव होता है, जो दांतों को कमजोर होकर टूटने से रोक सकता है। नमक के पानी से कुल्ला करने से मुंह में बैक्टीरिया पैदा करने वाले प्लाक नहीं पनप पाते हैं। इससे मुंह में सड़न और सूजन से राहत बनी रहती है।

सामग्री
    1/2 चम्मच टेबल नमक
    1/2 गिलास गर्म पानी

कैसे इस्तेमाल करें
पानी में नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें। अब इस मिश्रण से अपना अपने दांतों को साफ करें। इसे आप खाना खाने के बाद आसानी से कर सकते हैं।

​बेकिंग सोडा- मुंह की दुर्गंध से बचाव
बेकिंग सोडा सांसों की दुर्गंध और मुंह के बैक्टीरिया से छुटकारा पाने के लिए एक बेहतरीन विकल्प है। यह लार के पीएच स्तर को बढ़ाने का काम भी करता है। ओरल हेल्थ में सुधार करने के साथ ही बेकिंग सोडा में मौजूद व्हाइटनिंग प्रभाव दांतों का पीलापन कम करने में मदद करते हैं।

सामग्री
    1/2 चम्मच बेकिंग सोडा
    1/2 गिलास गर्म पानी

कैसे इस्तेमाल करें
आधा गिलास गर्म पानी में बेकिंग सोडा मिलाएं। और अपने दांतों को ब्रश करने के बाद इस घोल से कुल्ला करें।

​दालचीनी और लौंग का तेल- दर्द और दुर्गंध में मददगार
लौंग और दालचीनी का तेल आपकी सांसों को तरोताजा रखने और कैविटी से लड़ने में मदद करता है। लौंग में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं जो दांतों दर्द के साथ मुंह की दुर्गंध से राहत देने का काम करता है। वहीं, दालचीनी स्ट्रेप्टोकोकस म्यूटन्स नामक बैक्टीरिया और ओरोफेशियल कंडीशन से आपके ओरल हेल्थ को बनाए रखता है।

सामाग्री
    1 कप साफ पानी
    10 बूंद दालचीनी का तेल
    10 बूंद लौंग का तेल।

कैसे इस्तेमाल करें
सभी सामग्रियों को एक साथ मिलाएं। इस तैयार मिश्रण को आप स्टोर भी कर सकते हैं। इसे रोज दांतो में लगाएं और पानी से कुल्ला करें।