बेंगलुरु।
 
कर्नाटक में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। यहां असली मुकाबला सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बनाम कांग्रेस का है। हालांकि, कांग्रेस की कर्नाटक इकाई इन दिनों भगवा पार्टी से लड़ने के बजाय आपस में ही लड़ रही है। प्रदेश अध्यक्ष डी के शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के प्रति वफादार नेताओं के बीच इस बात को लेकर तकरार जारी है कि अगर पार्टी अगले साल के विधानसभा चुनावों में सत्ता में आती है तो मुख्यमंत्री कौन होगा।

कर्नाटक कांग्रेस विधायक ज़मीर अहमद ने हाल ही में कहा था कि सिद्धरमैया को राज्य के लिए मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार होना चाहिए। उनके इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए केपीसीसी अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने शनिवार को कहा कि सभी को किसी व्यक्ति की पूजा करने के बजाय पार्टी को सत्ता में लाने के लिए काम करना चाहिए।

कर्नाटक कांग्रेस विधायक और सिद्धारमैया के एक करीबी ने कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार पर पलटवार करते हुए कहा, "सिद्धारमैया को अगला मुख्यमंत्री होना चाहिए यह मेरी राय है।" कर्नाटक विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही कर्नाटक में कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद की लड़ाई दिन-ब-दिन मजबूत होती जा रही है। जैसे-जैसे 'सिद्धारमैया-75 अमृत महोत्सव' यानी की सिद्धारमैया का 75वां जन्मदिन नजदीक आता जा रहा है, शब्दों की जंग तेज होती जा रही है।

दावणगेरे में बोलते हुए उन्होंने कहा, "अगर हमारे केपीसीसी अध्यक्ष नाराज हो जाते हैं तो मैं क्या कर सकता हूं? मैंने अपनी राय रखी है। पार्टी आलाकमान सोनिया गांधी और राहुल गांधी तय करेंगे कि मुख्यमंत्री कौन होगा। मेरी निजी राय है कि सिद्धारमैया को अगला मुख्यमंत्री होना चाहिए।" उन्होंने यह कहकर पलटवार किया कि उन्हें संविधान में अपनी राय व्यक्त करने की स्वतंत्रता है। उन्होंने कहा, "अपनी राय व्यक्त करना गलत नहीं है। मैं पार्टी अध्यक्ष का भी सम्मान करता हूं।" सिद्धारमैया के चहेते कांग्रेस नेता और समर्थक 3 अगस्त को दावणगेरे में सिद्धारमैया-75 अमृत महोत्सव का आयोजन करने जा रहे हैं।

ज़मीर अहमद द्वारा डीके शिवकुमार के बारे में पूछे जाने पर अहमद ने कहा, "डीके शिवकुमार ने कांग्रेस में अगले मुख्यमंत्री के बारे में सबसे पहले बयान दिया था। हर कोई मुख्यमंत्री बनना चाहता है।"