उदयपुर
नुपूर शर्मा के बयान के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल करने के मामले में उदयपुर के कन्हैयालाल की हत्या करने वाले आरोपियों ने चिटफंड भी चला रखी थी। एनआईए और एसआईटी अब इस मामले की जांच कर रही है कि उनके पास पैसा कहां से आता था और उसे वह कहां खर्च कर रहे थे। हत्याकांड के दोनों आरोपियों को गुरुवार देर रात अजमेर की सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया गया। यह जेल प्रदेश की सबसे सुरक्षित जेल मानी जाती है, जहां आतंकियों को रखा जाता है।

एसआईटी से जुड़े अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोपाल स्वरूप मेवाड़ा ने बताया कि जांच में यह भी पता चला है कि कन्हैयालाल हत्याकांड के आरोपी मोहम्मद गौस और रियाज चिटफंड संचालित करते थे। अब एनआईए और एसआईटी की टीम इस बात की जांच कर रही है कि उनकी चिटफंड योजना में कौन-कौन पैसा लगा रहा था और एकत्रित पैसा कहां और किन कार्यों में खर्च् किया जा रहा था।

उल्लेखनीय है कि गत 28 जून को धानमंडी थाना क्षेत्र में किशनपोल निवासी मोहम्मद गौस और उसके दोस्त रियाज ने दर्जी का काम करने वाले कन्हैयालाल की बेरहमी से गर्दन धड़ से अलग कर हत्या कर दी थी। इसके बाद उन्होंने एसके इंजीनियर्स के यहां बैठकर एक वीडियो वायरल कर यह कबूलनामा किया कि उन्होंने ने ही हत्या की और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हत्या की चेतावनी दी थी। वारदात के छह घंटे बाद राजसमंद पुलिस ने भीम कस्बे से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले की जांच अब एसआईटी और एनआईए कर रही है। गुरुवार देर रात हत्या के आरोपी मोहम्मद गौस और रियाज को अजमेर की सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया गया।

उदयपुर आईजी और एसपी पर गिरी गाज
कन्हैयालाल हत्याकांड की गाज उदयपुर के पुलिस महानिरीक्षक हिंगलाज दान और पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार पर गिरी है। गुरुवार देर रात राजस्थान सरकार ने दोनों अधिकारियों के तबादले कर दिए। उनके साथ प्रदेश के अन्य 30 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए। अब प्रफुल्ल कुमार को उदयपुर का नया पुलिस महानिरीक्षक और विकास शर्मा को नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है।