भोपाल
निकाय चुनाव में पहली बार कांग्रेस अपने विधायकों के बूथ पर विशेष नजर रखेंगी। अपने बूथ पर हारे तो विधायकों को अगले  विधानसभा चुनाव में टिकट के लिए मुश्किल हो सकती है। यह संदेश प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने अपने सभी विधायकों तक पहुंचा दिया है।

इसके चलते इस बार पीसीसी चीफ कमलनाथ के तेवर भी सख्त होंगे। कमलनाथ ने सभी विधायकों को ताकीद कर दिया है कि यदि वे अपना स्वयं का बूथ हारे तो उनके अगले टिकट के लिए पार्टी को सोचना होगा। इसके साथ ही कमलनाथ ने विधायकों के कहने पर दिए पार्षदों के टिकट पर भी उनसे जीत दिलाने का वादा लिया है। इस वादे पर भी यदि विधायक सफल नहीं हुए तो उनकी विधानसभा उम्मीदवार वाली सीट पर पार्टी अगले एक साल में विकल्प तैयार कर सकती है।

कांग्रेस का आरोप अपराधी इखढ के प्रत्याशी
प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इस नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा और अपराधियों का गठबंधन सामने आया है। भाजपा आपराधिक छवि के लोगों को उम्मीदवार बना रही है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने आज सुबह प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता कर आरोप लगाया है कि भाजपा भले ही यह कह रही हो कि उसने आपराधिक छवि वालों को उम्मीदवार नहीं बनाया, लेकिन हकीकत इसके विपरित हैं।  शर्मा ने आरोप लगाया कि इंदौर के वार्ड 50 से उम्मीदवार सोनाली विजय परमार के पति राजीव जैन पर बलात्कार का आरोप है। उनके खिलाफ रायपुर के देवेंद्र नगर थाने में धोखाधड़ी का प्रकरण दज है।

मारपीट और चाकूबाजी के प्रकरण भी उनके खिलाफ दर्ज है। वहीं सागर के वार्ड 7 में अनूप उर्मिल को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया है उनपर पर धारा 394 और 120 बी के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज है। इसी तरह टीकमगढ़ में भी वार्ड 2 से निगरानी शुदा अपराधी अरुण तिवारी उर्फ पिट्टे को उम्मीदवार बनायाहै। वार्ड 22 से उम्मीदवार  मोइन खान पर 1999 से 2018 तक 21 अपराध दर्ज हुए।

पहली बार पार्टी होगी सख्त
कांग्रेस के सभी नेता पहली बार नगर निगम महापौर के प्रत्याशी चयन से लेकर पार्षद के प्रत्याशियों को लेकर भी सक्रिय दिखाई दिए। इस बार सबसे ज्यादा पार्षद उम्मीदवार विधायकों की सिफारिश पर ही बनाए गए हैं, इसलिए उन्हें यह संदेश भिजवाया गया है कि पार्षद और नगर निगम के महापौर को जीताने के साथ ही अपना बूथ भी जीतना हर हाल में जरूरी है।