रांची
झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत में बरसात का पानी घर में घुसने को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि सड़क बनाए जाने से पहले संबंधित विभाग को सर्वे करना चाहिए था। वर्तमान में कई जगहों पर घर से ऊंची सड़क बना दी गई है। ड्रेनेज की सही व्यवस्था नहीं होने की वजह से बरसात का पानी घरों में घुस रहा है।

हरमू नदी के हालात पर अदालत ने जताई कड़ी नाराजगी
झारखंड हाई कोर्ट ने हरमू नदी के हालात पर कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि लगता है नदी का अस्तित्व समाप्त होने वाला है और उसे नाला बना दिया गया है। अभी भी नदी में प्लास्टिक का अंबार लगा है। अदालत ने कहा कि नदी को संरक्षित करना चाहिए और इसके लिए उसमें पानी छोड़े जाने से पहले पानी को ट्रीटमेंट करना जरूरी है।

शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश
अदालत ने इस मामले में नगर विकास सचिव पथ निर्माण सचिव और रांची नगर निगम से शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह भी कहा कि हरमू नदी को नाले की तरह बना दिया गया है। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। क्योंकि जितनी भी सभ्यता बसी है वह नदी के किनारे ही बसी है।