जगराओं
विद्यार्थियों के कानूनी हुनर के साथ-साथ नौजवानों को अदालतों की कारगुजारी से जागरूक करवाने के लिए सीटीयू के स्कूल आफ ला की ओर से द स्कैमनम का आयोजन किया गया। जिसमें मूट कोर्ट मुकाबले द्वारा उभरते वकीलों को अपने हुनर व पेशेवर योग्यता की जांच करने का मौका प्रदान किया गया। इस मूट कोर्ट सेशन द्वारा अकादमिक तौर पर गठित अदालत के जरिए विद्यार्थियों को कानून के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार करने के साथ उनको अदालती वातावरण भी उपलब्ध करवाया गया ताकि जो अदालत की जिम्मेवारियों को सही तरीके से समझ सकें। इस दो दिवसीय मूट कोर्ट मुकाबले में  कुल 15 टीमों ने भाग लिया। मूट कोर्ट मुकाबला संविधानिक कानून पर आधारित थी। 15 टीमों में 4 टीमों ने सेमीफाइनल में पहुंची। दूसरे दिन फाइनल राउंड में केवल दो टीमें अपनी जगह बनाने में कामयाब हुई।

फाइनल राउंड का निर्णय एक पैनल द्वारा किया गया था जिसमें सीटीयू के स्कूल आफ ला की प्रिंसिपल डा. सिमरनजीत कौर गिल, डा. दिव्या खुराना व रमिंदर सिंह मौजूद थे। डा. सिमरनजीत कौर गिल ने विद्यार्थियों को अदालतों के कामकाज से जागरूक करवाते, वकीलों के व्यवहार बारे भी अहम बातों पर चचा्र की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी मूट कोर्ट मुकाबलों द्वारा जल्दी सीखे है। हार जीत मुकाबलों का हिस्सा है परन्तु ऐसे मुकाबले विद्यार्थियों को हर बार कुछ नया सिखाते हैं और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते है। उन्होंने विद्यार्थियों को सफल वकील बनने के लिए मूल प्रवृति से दूर रखने व दया व हमदर्दी के ऊंचे मूल्य पैदा करने की सलाह की।

उन्होंने भावनात्मक स्थिरता की महत्ता पर जोर दिया। इस मुकाबले में बीएएलएलबी की टीम के विश्वास वैद,विनीत जैन व तनवीर कल्सी ने ट्राफी जीती और बीएएलएलबी तीसरे वर्ष की प्रियंका, पारूल उप विजेता रहे। विश्वास वैद ने सवो्रत्तम मूटर का खिताब जीता। डा. सिमरनजीत कौर गिल ने विद्यार्थियों के इस प्रयास की सराहना करते मुकाबले की संचालन कमेटी का धन्यवाद किया।